राघवपुर गांव में तीन दिवसीय श्रीरामचरितमानस एवं संत सम्मेलन का हुआ समापन।। Raebareli news ।।

रजनीकांत अवस्थी
महराजगंज/रायबरेली: धर्म की जय हो! अधर्म का नाश हो! प्राणियों में सद्भावना हो! विश्व का कल्याण हो! जेहि बिधि सुखी होय पुर लोगा, करहु कृपानिधि सोई संजोगा के गगनभेदी उद्घोष के साथ विगत 37 वर्षों की भांति इस वर्ष भी क्षेत्र के राघवपुर गांव में चल रहे तीन दिवसीय श्रीरामचरितमानस एवं संत सम्मेलन संपन्न हुआ।
     आपको बता दें कि, महराजगंज क्षेत्र के राघवपुर गांव में पिछले 37 वर्षों से चल रहे श्रीरामचरितमानस एवं संत सम्मेलन में पधारे संत महात्माओं ने श्री रामचरितमानस कथा के माध्यम से उपस्थित भक्तों को महत्व एवं दैनिक जीवन में उसकी उपयोगिता का सारगर्भिता प्रसंगों के माध्यम से प्राकट्य प्रस्तुत कर उपस्थित श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
     कथा के क्रम में कन्सीपुर से पधारी बाल कथावाचिका सुश्री शिवांगी गिरी ने मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम के आदर्शों का गुणानुवाद किया। तो वहीं जनपद उन्नाव से पधारे कथा व्यास शिव शंकर मिश्रा ने दुर्लभ मानवन्तर की उपयोगिता हरि संकीर्तन राम नाम की अक्षय पूंजी को संरक्षित कर जीवन की विसंगतियों से छुटकारा पाने का सबसे सरल साधन "मानस" को बताया है।
      वहीं इटावा की पावन धरा से पधारे कथा व्यास क्रांति दूत राघव किशोर रामायणी ने राष्ट्रीय वेदना की ओर सर्वप्रथम ध्यानाकृष्ट करते हुए राम कथा रस में भक्तों को रससिक्त कर दिया।
     इसके अतिरिक्त क्रमश: शिव वरदान मिश्र, सुश्री अंजली मिश्रा ने मानस के विभिन्न उपलब्धियों की सुंदर चर्चा कर जनमानस के मनमानस में कथा के भाव और उसके प्रभाव का वर्णन किया।
      इस अवसर पर संपूर्णानंद गिरी, अंजनी पांडेय, रजनीकांत दीक्षित, कालिका प्रसाद शुक्ल, रमेश अवस्थी, लक्ष्मी शंकर श्रीवास्तव, रणजीत सिंह सहित क्षेत्र के अनेकों गणमान्य की उपस्थित रही। वहीं कुशल मंच संचालन पूर्णिमा त्रिपाठी ने किया।

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