गांव के लोगों ने अदालत के फैसले की सराहना की और उम्मीद जताई कि इस फैसले से लड़के को सही रास्ते पर चलने में मदद मिलेगी।
रायबरेली: बिहार के नालंदा में एक गरीब परिवार का नाबालिग लड़का चोरी के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। लेकिन रविवार को एक स्थानीय अदालत ने सजा के बजाय उसे राशन, कपड़ा और अन्य आवश्यक सामान मुहैया कराया। स्थानीय अदालत में सुनवाई के बाद जज ने यह कहते हुए लड़के पक्ष में निर्णय दिया कि, उसे सुधार करने का मौका दिया गया है।
लड़के का नाम नरेंद्र राव है और उसने अपना अपराध स्वीकार कर लिया था। लड़के ने बताया, "वह चोरी करके भाग रहा था और पुलिस ने मुझे पकड़ लिया। स्थानीय लोग उसे पीटने के लिए इकट्ठा हुए थे। उसकी पिटाई की जा रही थी और फिर पुलिस उसे जेल ले गई" नरेंद्र ने बताया, "बाद में जब उसे अदालत में पेश किया गया, तो जज ने उसके हालात को समझा और महसूस किया कि, वह चोरी करने में क्यों उलझ गया। उसकी मां बीमार थी और उसके पास खाना नहीं था। वह उसे कुछ खिलाना चाहता था। इस लिए उसे चोरी करनी पड़ी।
रायबरेली: बिहार के नालंदा में एक गरीब परिवार का नाबालिग लड़का चोरी के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। लेकिन रविवार को एक स्थानीय अदालत ने सजा के बजाय उसे राशन, कपड़ा और अन्य आवश्यक सामान मुहैया कराया। स्थानीय अदालत में सुनवाई के बाद जज ने यह कहते हुए लड़के पक्ष में निर्णय दिया कि, उसे सुधार करने का मौका दिया गया है।
लड़के का नाम नरेंद्र राव है और उसने अपना अपराध स्वीकार कर लिया था। लड़के ने बताया, "वह चोरी करके भाग रहा था और पुलिस ने मुझे पकड़ लिया। स्थानीय लोग उसे पीटने के लिए इकट्ठा हुए थे। उसकी पिटाई की जा रही थी और फिर पुलिस उसे जेल ले गई" नरेंद्र ने बताया, "बाद में जब उसे अदालत में पेश किया गया, तो जज ने उसके हालात को समझा और महसूस किया कि, वह चोरी करने में क्यों उलझ गया। उसकी मां बीमार थी और उसके पास खाना नहीं था। वह उसे कुछ खिलाना चाहता था। इस लिए उसे चोरी करनी पड़ी।

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