DM से सरकारी जमीन पर कब्जे की शिकायत करने वाले पीड़ित को गाली देते ऊंचाहार तहसील के लेखपाल का आडियो हुआ वायरल।। Raebareli news ।।

रजनीकांत अवस्थी
रायबरेली: ऊंचाहार तहसील के मनिहर शर्की गांव में सरकारी जमीन पर अवैध अतिक्रमण की शिकायत करने वाले पीड़ित को संबंधित लेखपाल द्वारा फोन पर गाली देते हुए धमकी भरा एक ऑडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है। जिसे लेकर तहसील प्रशासन पर आम जनमानस के द्वारा उंगलियां उठाई जा रही है। पीड़ित ने इस प्रकरण में जिलाधिकारी से शिकायत कर कार्यवाही की मांग की है।
     आपको बता दें कि, विवरण के मुताबिक ऊंचाहार तहसील के परगना डलमऊ अंतर्गत मनिहर शर्की गांव में 20 जुलाई 2011 को क्षेत्रीय लेखपाल की आख्या पर तहसील प्रशासन ने राम लखन पुत्र दसऊ निवासी पुरे बरियार मजरे मनिहर शर्की को ग्राम सभा की गाटा संख्या 504 पर अवैध अतिक्रमण का दोषी पाया था। इस प्रकरण में न्यायालय तहसीलदार ऊंचाहार से 8 सितंबर 2014 प्रतिवादी को बेदखल कर उससे क्षतिपूर्ति मय ब्याज समेत वसूली का आदेश जारी किया गया। अदालत ने यह भी कहा कि, क्षेत्रीय राजस्व निरीक्षक 1 सप्ताह के भीतर शासकीय भूमि का कब्जा प्राप्त कर न्यायालय को आख्या प्रस्तुत करें।
      लेकिन बड़ी ही हैरत की बात है कि, इस आदेश को अब तक करीब 6 साल का समय बीत चुका है, लेकिन तहसीलदार के अपने ही मातहतों ने कोर्ट के आदेश का आज तक अनुपालन नहीं कराया। यहां तक की सरकारी जमीन पर बने अवैध निर्माण पर वर्तमान में लेखपाल की मिलीभगत से छत डालने की प्लानिंग शुरू कर दी गई। तभी गांव निवासी आलोक कुमार ने पूरे मामले का भंडाफोड़ कर दिया और मामले की उच्चाधिकारियों से शिकायत कर दी। 
     वहीं शिकायतकर्ता का आरोप है कि, यह बात क्षेत्रीय लेखपाल को इस कदर नागवार गुजरी की उसने सरकारी भूमि को अवैध कब्जे से मुक्त कराने की बजाय उल्टे शिकायतकर्ता को ही फोन पर गाली गलौज और धमकी देने लगे। जिसकी आडियो रिकार्डिंग सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रही है। पीड़ित का यह भी आरोप है कि, लेखपाल स्वयं जेब गर्म करके सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जे की सौदेबाजी कर रहे है। अवैध कब्जेदारों से उनकी मिलीभगत इतनी पक्की है कि, कई बार ट्रांसफर के बाद भी वह वापस इसी क्षेत्र में लौट आते हैं।
      इसी अहंकार में लेखपाल के समक्ष कर्मचारी आचरण नियमावली भी अब कोई मायने नहीं रख रही है। पीड़ित ने इस प्रकरण में जिला अधिकारी से जांच कर दोषी लेखपाल के विरुद्ध वैधानिक कार्यवाही करते हुए न्यायालय के आदेशानुसार सरकारी भूमि से अवैध कब्जे को बेदखल करने की मांग की है। उधर इस संबंध में जब क्षेत्रीय लेखपाल से फोन पर बात की गई तो उन्होंने बताया कि, शिकायतकर्ता और अवैध कब्जे दार के लिए आपसी झगड़ा है। जिसे लेकर शिकवा शिकायत चल रही है। जबकि अवैध कब्जे के संबंध में संबंधित को एक नोटिस प्राप्त करा दी गई है। जल्द ही दूसरी और तीसरी नोटिस के बाद पुलिस प्रशासन के सहयोग से अवैध कब्जे को खाली कराने की बात लेखपाल ने कही है।

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