रजनीकांत अवस्थी
रायबरेली: देश में बढ़ती तेल की कीमतों के विरोध में कांग्रेस के जिला अध्यक्ष पंकज तिवारी एडवोकेट व शहर अध्यक्ष सईदुल हसन के नेतृत्व में कलेक्ट्रेट पहुँच कर राष्ट्रपति को सम्बोधित जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। जिसमे तेल की बढ़ी कीमतें वापस लेते हुए अंतर्राष्ट्रीय बाजार में निर्धारित मूल्यों के अनुसार भारतीय बाजार की दरें निर्धारित करने की मांग की गयी।
आपको बता दें कि, कांग्रेस पार्टी जिलाध्यक्ष पंकज तिवारी एडवोकेट ने कहा कि, पूरा देश इस समय कोरोना संक्रमण के अभूतपूर्व संकट का सामना कर रहा है। समाज का कमोबेश हर तबका निराषा का सामना कर रहा है। गरीब भुखमरी का शिकार है, मजदूर की रोजी रोटी छिन गई है। लाकडाउन से उठी परिस्थितियों में सब्जी, फल व दुग्ध उत्पादक, मुर्गी-मत्स्य पालक व लघु पशुपालक और अन्नदाता भयानक आर्थिक चुनौतियों से लड़ रहे हैं। आपदा से छोटे व मध्य व्यवसायी बुरी तरह से प्रभावित हैं। रोजाना कमाई कर परिवार का भरण-पोषण करने वाले रेहड़ी, पटरी व ठेले वालों के सामने भी रोजी रोटी का भयानक संकट आ खड़ा हुआ है।
वहीं शहर अध्यक्ष सईदुल हसन ने कहा कि, मई 2014 में जब भाजपा ने सत्ता संभाली थी, तो पेट्रोल पर उत्पाद शुल्क 9.20 रुपए प्रति लीटर और डीजल पर 3.46 रु प्रति लीटर था। पिछले 6 सालों में केंद्र की भाजपा सरकार में पेट्रोल पर उत्पाद शुल्क में 23.78 रु प्रतिलीटर एवं डीजल पर 28.37 रु प्रतिलीटर की अतिरिक्त बढ़ोतरी कर दी है। चौंकाने वाली बात यह है कि, पिछले 6 सालों में भाजपा सरकार द्वारा डीजल के उत्पाद शुल्क में 820 प्रतिशत तथा पेट्रोल के उत्पाद शुल्क में 258 प्रतिशत की वृद्धि की गई है।
केवल पेट्रोल और डीजल पर लगने वाले उत्पाद शुल्क में बराबर वृद्धि करके मोदी सरकार ने पिछले 6 सालों में1800000 करोड़ रु0 कमा लिए।
पर्व विधायक अशोक सिंह ने कहा कि, अन्तर्राष्ट्रीय बाजार में घटते तेल के दाम के बावजूद भारतीय बाजार में तेल की कीमतें न सिर्फ यथावत रही हैं, बल्कि पिछले 22 दिनों से लगातार पेट्रोल, डीजल के दामों में भारी बढ़ोतरी हो रही है। ऐसा पहली बार है कि, देश के कई राज्यों में डीजल पेट्रोल से भी ज्यादा मंहगा हो गया है। ऐसे कठिन दौर में यह बढ़ोतरी अमानवीय व अलोकतांत्रिक है। डीजल की वृद्धि का सीधा असर किसानों व आम जनमानस पर पड़ता है। क्योंकि इससे हर तरह की लागत में वृद्धि होती है, और जरूरत का हर सामान मंहगा हो जाता है।
उन्होंने अपने मांगपत्र में पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की बढ़ी कीमतें वापस लेते हुए अन्तर्राष्ट्रीय बाजार में निर्धारित मूल्यों के अनुसार भारतीय बाजार की दरें निर्धारित कराने की मांग की है। इस मौके पर शहर अध्यक्ष सईदुल हसन, पंकज सोनकर, अनवार खान, हाफिज रियाज, महताब आलम, आरिफ, सोनू खान, राशिद अंसारी, सैलजा सिंह, राज कुमार दीक्षित, आनंद चौरसिया, रामबहादुर सिंह, रविंद्र सिंह, वीरेंद्र यादव, कल्याण श्रीवास्तव, पूर्व विधायक अशोक सिंह, सब्बू, सलमान, अरशद खान आदि लोग मौजूद रहे।
रायबरेली: देश में बढ़ती तेल की कीमतों के विरोध में कांग्रेस के जिला अध्यक्ष पंकज तिवारी एडवोकेट व शहर अध्यक्ष सईदुल हसन के नेतृत्व में कलेक्ट्रेट पहुँच कर राष्ट्रपति को सम्बोधित जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। जिसमे तेल की बढ़ी कीमतें वापस लेते हुए अंतर्राष्ट्रीय बाजार में निर्धारित मूल्यों के अनुसार भारतीय बाजार की दरें निर्धारित करने की मांग की गयी।
आपको बता दें कि, कांग्रेस पार्टी जिलाध्यक्ष पंकज तिवारी एडवोकेट ने कहा कि, पूरा देश इस समय कोरोना संक्रमण के अभूतपूर्व संकट का सामना कर रहा है। समाज का कमोबेश हर तबका निराषा का सामना कर रहा है। गरीब भुखमरी का शिकार है, मजदूर की रोजी रोटी छिन गई है। लाकडाउन से उठी परिस्थितियों में सब्जी, फल व दुग्ध उत्पादक, मुर्गी-मत्स्य पालक व लघु पशुपालक और अन्नदाता भयानक आर्थिक चुनौतियों से लड़ रहे हैं। आपदा से छोटे व मध्य व्यवसायी बुरी तरह से प्रभावित हैं। रोजाना कमाई कर परिवार का भरण-पोषण करने वाले रेहड़ी, पटरी व ठेले वालों के सामने भी रोजी रोटी का भयानक संकट आ खड़ा हुआ है।
वहीं शहर अध्यक्ष सईदुल हसन ने कहा कि, मई 2014 में जब भाजपा ने सत्ता संभाली थी, तो पेट्रोल पर उत्पाद शुल्क 9.20 रुपए प्रति लीटर और डीजल पर 3.46 रु प्रति लीटर था। पिछले 6 सालों में केंद्र की भाजपा सरकार में पेट्रोल पर उत्पाद शुल्क में 23.78 रु प्रतिलीटर एवं डीजल पर 28.37 रु प्रतिलीटर की अतिरिक्त बढ़ोतरी कर दी है। चौंकाने वाली बात यह है कि, पिछले 6 सालों में भाजपा सरकार द्वारा डीजल के उत्पाद शुल्क में 820 प्रतिशत तथा पेट्रोल के उत्पाद शुल्क में 258 प्रतिशत की वृद्धि की गई है।
केवल पेट्रोल और डीजल पर लगने वाले उत्पाद शुल्क में बराबर वृद्धि करके मोदी सरकार ने पिछले 6 सालों में1800000 करोड़ रु0 कमा लिए।
पर्व विधायक अशोक सिंह ने कहा कि, अन्तर्राष्ट्रीय बाजार में घटते तेल के दाम के बावजूद भारतीय बाजार में तेल की कीमतें न सिर्फ यथावत रही हैं, बल्कि पिछले 22 दिनों से लगातार पेट्रोल, डीजल के दामों में भारी बढ़ोतरी हो रही है। ऐसा पहली बार है कि, देश के कई राज्यों में डीजल पेट्रोल से भी ज्यादा मंहगा हो गया है। ऐसे कठिन दौर में यह बढ़ोतरी अमानवीय व अलोकतांत्रिक है। डीजल की वृद्धि का सीधा असर किसानों व आम जनमानस पर पड़ता है। क्योंकि इससे हर तरह की लागत में वृद्धि होती है, और जरूरत का हर सामान मंहगा हो जाता है।
उन्होंने अपने मांगपत्र में पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की बढ़ी कीमतें वापस लेते हुए अन्तर्राष्ट्रीय बाजार में निर्धारित मूल्यों के अनुसार भारतीय बाजार की दरें निर्धारित कराने की मांग की है। इस मौके पर शहर अध्यक्ष सईदुल हसन, पंकज सोनकर, अनवार खान, हाफिज रियाज, महताब आलम, आरिफ, सोनू खान, राशिद अंसारी, सैलजा सिंह, राज कुमार दीक्षित, आनंद चौरसिया, रामबहादुर सिंह, रविंद्र सिंह, वीरेंद्र यादव, कल्याण श्रीवास्तव, पूर्व विधायक अशोक सिंह, सब्बू, सलमान, अरशद खान आदि लोग मौजूद रहे।



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