वित्तविहीन शिक्षकों ने PM व CM से मानदेय की बहाली एंव आर्थिक पैकेज की व्यवस्था कराने के लिए दिया ज्ञापन।। Raebareli news ।।

रजनीकांत अवस्थी
बछरावां रायबरेली: माध्यमिक वित्तविहीन शिक्षक महासभा के प्रांतीय आह्वान पर वित्तविहीन शिक्षकों ने प्रबन्धक महासभा के मन्डल अध्यक्ष संजय सिंह के नेतृत्व में नगर मजिस्ट्रेट को प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री को सम्बोधित ज्ञापन देकर शिक्षकों के लिए आर्थिक पैकेज की माँग की।
      आपको बता दें कि, ज्ञापन के माध्यम से मण्डल अध्यक्ष संजय सिंह ने प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री से निवेदन करते हुए कहा है कि, कोविड-19 कोरोना महामारी के कारण 15 फरवरी 2020 से वित्तविहीन विद्यालयों के बंद होने के कारण विद्यालयों में शिक्षण शुल्क /फीस नही जमा हो पायी है, और फीस न जमा होने के कारण विद्यालयों के शिक्षकों/कर्मचारियों को पाँच माह से वेतन नहीं मिला है। जिससे शिक्षकों/कर्मचारियों की आर्थिक स्थिति बहुत ही दयनीय हो गयी है।
      वित्तविहीन शिक्षक /कर्मचारी भूखमरी के कगार पर पहुँच गये हैं। जबकि ये वित्तविहीन शिक्षक माध्यमिक शिक्षा की रीढ़ हैं। इनका माध्यमिक शिक्षा में उत्तर प्रदेश में 87% भागीदारी है। इनका खाता सहित सम्पूर्ण विवरण जनपद में प्रत्येक जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में उपलब्ध है। इन्होंने निवेदन है कि, जैसे आप हर वर्गों का इस महामारी में हर स्तर से सहायता कर रहे हैं, वैसे इनको भी आर्थिक राहत पैकेज देते हुए इनका बंद मानदेय बढ़ाकर बहाल करने की कृपा करें। 
     इस मौके पर उपस्थित शिक्षक महासभा के जिला कोषाध्यक्ष अरूण प्रताप सिंह चौहान ने प्रदेश सरकार की नीतियों की आलोचना करते हुए कहा कि, वैश्विक महामारी के इस दौर में प्रदेश के लाखों वित्तविहीन शिक्षक संक्रमण के दौर से गुजर रहे हैं। वेतन न मिल पाने के कारण वो भुखमरी के कगार पर पहुँच गए। प्रदेश को सबसे अधिक टॉपर देने वाला वित्तविहीन शिक्षक अपनी दयनीय स्थिति पर आँसू बहा रहा है, और प्रदेश सरकार की तरफ आशा भरी नजरों से देख रहा है, किन्तु प्रदेश सरकार इन लाखो वित्तविहीन शिक्षकों के साथ भेदभाव करते हुए अपनी आँखें बंद किये हैं। उन्होंने चेतावनी दी है कि, यदि शासन द्वारा वित्तविहीन शिक्षकों की माँगों को 10 जुलाई तक नही माना जाता है, तो हताश व निराश शिक्षक प्रदेश में उग्र आंदोलन करने को बाध्य होगा। जिसकी सारी जिम्मेदारी प्रदेश सरकार की होगी।
      उन्होंने प्रदेश सरकार से तत्काल वित्तविहीन शिक्षकों के लिए पन्द्रह हजार रुपये (15000) मासिक राशि की व्यवस्था कराने के लिए अनुरोध किया है, ताकि शिक्षकों का भरण पोषण हो सके। इस अवसर पर संगठन के जिला महासचिव श्रीकांत तिवारी, जिला उपाध्यक्ष विनय प्रताप सिंह,  महिला प्रकोष्ठ की जिलाध्यक्ष सुश्री अंजू सिंह चौहान, जिला महासचिव श्रीमती योगिता सिंह आदि प्रतिनिधि मण्डल के साथ उपस्थित रहे।

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