पीड़ित ने लगाया शिवगढ़ पुलिस पर गंभीर आरोप: पहले वाले बड़े साहब होते, तो हम गरीबों की सुनते।। Raebareli news ।।

चेकिंग के नाम पर शिवगढ़ पुलिस ने की एक युवक की पिटाई वाहन किया सीज
रजनीकांत अवस्थी
महराजगंज/रायबरेली: तहसील क्षेत्र के थाना शिवगढ़ पुलिस ने चेकिंग के नाम पर मानवता को शर्मसार किया। तो वहीं एक बार फिर अपराध रोक पाने में नाकाम शिवगढ़ पुलिस ने सीएचसी से घर जा रहे एक युवक को पकड़ कर जबरन पिटाई कर दी और गाड़ी को सीज कर दिया। पीड़ित ने क्षेत्राधिकारी राघवेंद्र चतुर्वेदी की चौखट पर न्याय की गुहार लगाई है, अब देखने वाली बात यह होगी कि, पीड़ित को क्षेत्राधिकारी की चौखट से न्याय मिल पाता है या फिर शिवगढ़ पुलिस का मनमानी रवैया जारी रहेगा। मामले में क्षेत्राधिकारी राघवेंद्र चतुर्वेदी ने दूरभाष पर बताया कि, पीड़ित द्वारा लिखित शिकायत दिया गया है। जांच कराकर दोषियों के खिलाफ विधिक कार्रवाई की जाएगी।
      आपको बता दें कि, महराजगंज तहसील क्षेत्र के शिवगढ़ थाने की पुलिस अपनी मनमानी करने से बाज नहीं आ रही है। मिली जानकारी के अनुसार पीड़ित संतोष कुमार गौतम पुत्र सीताराम गौतम ने आरोप लगाते हुए कहां है कि, वह प्रसव पीड़ा होने पर अपनी पत्नी पिंकी लेकर समुदायिक स्वास्थ्य केंद्र शिवगढ़ में भर्ती करवा रखा था। बीते शनिवार के दिन यानी 27 जून 2020 को सुबह लगभग  4:00 बजे पिंकी की सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र शिवगढ़ में नॉर्मल डिलीवरी से बच्चा पैदा हुआ। ग्राम सभा शिवली में नियुक्त  आशा बहू शिव कुमारी के संग साथ में गई सास आरती देवी पत्नी सीताराम को जब डॉक्टरों द्वारा जानकारी मिली कि, उनको पोती हुई, तो सभी परिवारी जनों के चेहरे पर खुशी साफ झलक रही थी। कि, घर में बेटी के रूप में साक्षात लक्ष्मी प्रकट हुई है।
     विदित हो कि, विगत सोमवार को दिन में लगभग 12:00 बजे भवानीगढ़ चौराहे पर शिवगढ़ पुलिस द्वारा मास्क चेकिंग अभियान चलाया जा रहा था। वहीं अपनी पत्नी व मां के लिए बाइक लेकर घर से खाना लेने पीड़ित संतोष कुमार गौतम अपने घर जा ही रहा था कि, तभी भवानीगढ़ चौराहे पर पुलिस ने संतोष कुमार गौतम की चलती हुई गाड़ी के अगले पहिए में डंडा घुसा दिया। जिससे अनियंत्रित होकर संतोष वहीं गिर गया। उसे कुछ चोटे भी आ गई। मजे की बात यह रही कि, इतना कुछ होने के बावजूद चेकिंग अभियान चला रही शिवगढ़ पुलिस ने मानवता को तार-तार करते हुए गिरकर अचेतावस्था में पड़े संतोष के ऊपर डंडा बरसाना शुरू कर दिया। जब स्थानीय दुकानदारों ने  इसका विरोध करना शुरू कर दिया तो उक्त पुलिसकर्मी थाना अध्यक्ष शिवगढ़ को फोन करके घटना के बारे में अवगत कराया। जिसके कुछ ही मिनटों में थाना अध्यक्ष धीरेंद्र यादव ने घटना का जायजा लेते हुए मय गाड़ी सहित संतोष कुमार गौतम को थाने में बंद कर दिया।
      जब पीड़ित की मां आरती देवी को शिवगढ़ अस्पताल में फोन द्वारा घटना की जानकारी मिली, तो उनके होश उड़ गए। खुशी का माहौल गम में बदल गया। आरती देवी ने आरोप लगाया कि, थाने जाने पर पुलिस वालों की काफी चरण वंदना करनी पड़ी है। 200 रुपए सुविधा शुल्क लेकर 3 घंटे बाद संतोष को छोड़ दिया गया। पीड़ित ने यह भी बताया है कि, उनके साथ अन्याय हुआ है। वे अपना पक्ष भी नहीं रख पाए, पुलिस ने इतनी बड़ी कार्यवाही कर दी। पीड़ित का कहना है कि, वे लोग कुछ समझ पाते उससे पहले ही मारपीट कर उनके लड़के संतोष गौतम को थाने में बंद कर दिया गया, और उसकी गाड़ी का संबंधित धाराओं में चालान काट दिया गया।
      मां आरती देवी का कहना है कि, पहले वाले बड़े साहब होते, तो हम गरीबों की सुनते और हमारे न्याय मांगने पर हमारे बच्चे को छोड़ देते, और हमारी गाड़ी भी छोड़ देते। हमारे साथ शिवगढ़ पुलिस ने अन्याय किया है।

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