तेल की बढ़ती कीमतों को लेकर BJP सरकार पर जमकर बरसे कांग्रेस के प्रदेश सचिव सुशील पासी।। Raebareli news ।।

रजनीकांत अवस्थी
महराजगंज/रायबरेली: देश में बढ़ती तेल की कीमतों के विरोध में कांग्रेस के प्रदेश सचिव सुशील पासी की अगुवाई में दर्जनों की संख्या में कांग्रेसियों का एक प्रतिनिधिमंडल सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए तहसील पहुंचकर राष्ट्रपति को संबोधित उप जिलाधिकारी विनय मिश्रा को ज्ञापन सौंपा। जिसमे तेल की बढ़ी कीमतें वापस लेते हुए अंतर्राष्ट्रीय बाजार में निर्धारित मूल्यों के अनुसार भारतीय बाजार की दरें निर्धारित करने की मांग की गयी। 
      आपको बता दें कि, ज्ञापन देने के उपरांत कांग्रेस पार्टी प्रदेश सचिव सुशील पासी ने कहा कि, पूरा देश इस समय कोरोना संक्रमण के अभूतपूर्व संकट का सामना कर रहा है। समाज का कमोबेश हर तबका निराषा का सामना कर रहा है। गरीब भुखमरी का शिकार है, मजदूर की रोजी रोटी छिन गई है। लाकडाउन से उठी परिस्थितियों में सब्जी, फल व दुग्ध उत्पादक, मुर्गी-मत्स्य पालक व लघु पशुपालक और अन्नदाता भयानक आर्थिक चुनौतियों से लड़ रहे हैं। आपदा से छोटे व मध्य व्यवसायी बुरी तरह से प्रभावित हैं। रोजाना कमाई कर परिवार का भरण-पोषण करने वाले रेहड़ी, पटरी व ठेले वालों के सामने भी रोजी रोटी का भयानक संकट आ खड़ा हुआ है।
     वहीं जिला कांग्रेस कमेटी के महामंत्री राजकुमार दीक्षित ने कहा कि, मई 2014 में जब भाजपा ने सत्ता संभाली थी, तो पेट्रोल पर उत्पाद शुल्क 9.20 रुपए प्रति लीटर और डीजल पर 3.46 रु प्रति लीटर था। पिछले 6 सालों में केंद्र की भाजपा सरकार में पेट्रोल पर उत्पाद शुल्क में 23.78 रु प्रतिलीटर एवं डीजल पर 28.37 रु प्रतिलीटर की अतिरिक्त बढ़ोतरी कर दी है। चौंकाने वाली बात यह है कि, पिछले 6 सालों में भाजपा सरकार द्वारा डीजल के उत्पाद शुल्क में 820 प्रतिशत तथा पेट्रोल के उत्पाद शुल्क में 258 प्रतिशत की वृद्धि की गई है।
केवल पेट्रोल और डीजल पर लगने वाले उत्पाद शुल्क में बराबर वृद्धि करके मोदी सरकार ने पिछले 6 सालों में1800000 करोड़ रु0 कमा लिए।
     कांग्रेस पार्टी के महाराजगंज ब्लाक अध्यक्ष कृपाशंकर शर्मा ने कहा कि, अन्तर्राष्ट्रीय बाजार में घटते तेल के दाम के बावजूद भारतीय बाजार में तेल की कीमतें न सिर्फ यथावत रही हैं, बल्कि पिछले 22 दिनों से लगातार पेट्रोल, डीजल के दामों में भारी बढ़ोतरी हो रही है। ऐसा पहली बार है कि, देश के कई राज्यों में डीजल पेट्रोल से भी ज्यादा मंहगा हो गया है। ऐसे कठिन दौर में यह बढ़ोतरी अमानवीय व अलोकतांत्रिक है। डीजल की वृद्धि का सीधा असर किसानों व आम जनमानस पर पड़ता है। क्योंकि इससे हर तरह की लागत में वृद्धि होती है, और जरूरत का हर सामान मंहगा हो जाता है।
       उन्होंने अपने मांगपत्र में पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की बढ़ी कीमतें वापस लेते हुए अन्तर्राष्ट्रीय बाजार में निर्धारित मूल्यों के अनुसार भारतीय बाजार की दरें निर्धारित कराने की मांग की है।
      इस मौके पर रमेश शुक्ला, शिवगढ़ ब्लॉक अध्यक्ष दिग्विजय सिंह, बछंरावा ब्लाक अध्यक्ष सतगुरदेव लोधी, दिनेश यादव, नगर अध्यक्ष इरशाद आलम, मीडिया प्रभारी प्रिन्सू वैश्य, पूर्व प्रत्याशी नगर पंचायत मनोज कसेरा, विवेकानन्द चौरसिया, भरत मिश्रा महासचिव, यूथ ब्लॉक अध्यक्ष आशुतोष सिंह, मऊ न्याय पंचायत अध्यक्ष दिनेश मिश्रा, जीतू पंडित, हौसला प्रसाद तिवारी, गोविंद नारायण तिवारी, नीरज अवस्थी, कांग्रेस नेत्री योगिता सिंह, नन्हू नेता, शिव नायक सिंह, कन्हैया लाल यादव, राहुल सिंह, राघवेंद्र वर्मा, जैनुलाब्दीन उर्फ लाला मनिहार, वंदना सहित बड़ी संख्या में कांग्रेसी मौजूद रहे।

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