CHC के कोरोना संदिग्ध वार्ड ब्वाय ने सोशल मीडिया पर अपना दर्द बयां कर उच्चाधिकारियों से मांगा न्याय।। Raebareli news ।।

रजनीकांत अवस्थी
महराजगंज/रायबरेली:कोरोना महामारी परीक्षण में नमूना संदिग्ध पाए जाने के बावजूद एक संविदा पर काम कर रहे वार्ड बॉय को L-1 हॉस्पिटल में भेजने का मामला तूल पकड़ रहा है। भुक्तभोगी वार्डवाय ने आरोप लगाया है कि, उसके समेत तीन लोगों को टेस्ट किट द्वारा परीक्षण के दौरान नमूने संदिग्ध पाये गये, जिसकी पुनः जांच के लिए पीजीआई लखनऊ भेजा भेजा गया है, वहां की रिपोर्ट अभी तक आई नहीं बावजूद इसके उसे जबरन लेवल वन हॉस्पिटल में कोरोना पॉजिटिव मानते हुए भर्ती करा दिया गया है। यह आरोप है कि, महराजगंज सीएचसी में कार्यरत संविदा वार्ड बॉय ने सोशल मीडिया पर अपने दर्द को शेयर करते हुए उच्चाधिकारियों से न्याय दिलाने की मांग की है। 
     आपको बता दें कि, सीएचसी परिसर पर कल शुक्रवार को 86 लोगों के नमूने लिए गए थे। जिसमें एक चिकित्सक एक स्टाफ नर्स और संविदा पर काम कर रहे वार्ड बॉय के नमूने संदिग्ध पाए गए थे। स्वास्थ्य प्रशासन ने इन नमूनों को पुनः जांच के लिए लखनऊ पीजीआई भेजा था। तब तक तीनों लोगों को क्वॉरेंटाइन पर जाने के लिए कहा गया था। वार्ड बॉय का आरोप है कि, डाक्टर और स्टाफ नर्स क्वॉरेंटाइन में चले गए। लेकिन उसे बगैर पीजीआई की रिपोर्ट कंफर्म आए ही रायबरेली के एल वन हॉस्पिटल में भर्ती करा दिया गया है।
      उसने मांग की है कि, जब तक पीजीआई से आधिकारिक रूप से उसे कोरोना संक्रमित घोषित ना किया जाए, तब तक उसे भी self-quarantine कराया जाना चाहिए। वार्ड बॉय का यह भी कहना है कि, उसके अंदर कोरोना पॉजिटिव का कोई भी लक्षण मौजूद नहीं है।

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