ब्यूरो रिपोर्ट
अयोध्या: राम मंदिर के शिलान्यास व भूमि पूजन कार्यक्रम के लिए पांच अगस्त को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अयोध्या आने वाले हैं। पर रामलला के प्रधान पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास को परिसर में आने से रोक लगा दी गई है। अयोध्या में 30 जुलाई को रामलला के पुजारी प्रदीप दास सहित 14 पुलिसकर्मी कोरोना पाजिटिव पाए गए। प्रदीप दास प्रधान पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास के शिष्य हैं। आचार्य सत्येंद्र दास का कोरोना टेस्ट निगेटिव आया है। परन्तु सुरक्षा को ध्यान रखते हुए श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने यह बड़ा कदम उठाया है। भगवान राम की रोजाना पूजा करने की जिम्मेदारी आचार्य सत्येंद्र दास के पास है। ऐसी भी संभावना व्यक्त की जा रही है कि, कोरोना की वजह से राम मंदिर के शिलान्यास व भूमि पूजन कार्यक्रम में भी शामिल करने से रोका जाए।
आपको बता दें कि, रामलला के मुख्य पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास (83 वर्ष) पिछले 28 साल से भागवान राम की पूजा-अर्चना में लगे हुए हैं। सत्येंद्र दास स्कूल में संस्कृत के शिक्षक भी रहे हैं। अयोध्या में राम जन्मभूमि मंदिर के भूमिपूजन कार्यक्रम पर कोरोना संकट मंडराने लगा है। राम मंदिर के शिलान्यास व भूमि पूजन कार्यक्रम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित करीब 200 महत्वपूर्ण व्यक्तियों को निमंत्रण दिया गया है।
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट, यूपी सरकार व केंद्र सरकार इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम को कोरोना संक्रमण से सुरक्षित बनाने के लिए रणनीतियां बना रहा है। कोई भी चूक नहीं करना चाहता है। इसी वजह से आचार्य सत्येंद्र दास का कोरोना टेस्ट निगेटिव आने के बावजूद सुरक्षा को ध्यान रखते हुए श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने उनके राम मंदिर परिसर में आने पर रोक लगा दी है। आचार्य सत्येंद्र दास ट्रस्ट के इस फैसले से काफी दुखी हैं।

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