रजनीकांत अवस्थी
महराजगंज/रायबरेली: सावन के अंतिम सोमवार को राष्ट्रीय मानवाधिकार एवं आरटीआई जागरूकता संगठन नई दिल्ली के राष्ट्रीय प्रभारी व राष्ट्रीय अनुशासन मंत्री जान प्रकाश तिवारी ने 5 अगस्त को अयोध्या में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के द्वारा भूमि पूजन के उपरांत भव्य राम मंदिर निर्माण के लिए विद्वानों द्वारा मंत्रोच्चारण के बीच रुद्राभिषेक यज्ञ किया।
आपको बता दें कि, राष्ट्रीय मानवाधिकार एवं आरटीआई जागरूकता संगठन नई दिल्ली के राष्ट्रीय प्रभारी एवं राष्ट्रीय अनुशासन मंत्री ज्ञान प्रकाश तिवारी ने सावन के अंतिम सोमवार पर भगवान भोलेनाथ को प्रसन्न करने के लिए रुद्राभिषेक किया। उन्होंने भोले बाबा को जलाभिषेक कर बेलपत्र, पुष्प, धतूरा और विद्वानों द्वारा मंत्रोच्चारण के बीच पूजा अर्चना करके रुद्राभिषेक किया।
इस अवसर पर राष्ट्रीय मानवाधिकार एवं आरटीआई जागरूकता संगठन नई दिल्ली के राष्ट्रीय प्रभारी एवं राष्ट्रीय अनुशासन मंत्री ज्ञान प्रकाश तिवारी ने भगवान शिव की आराधना करते हुए मन्नत मांगी है कि, दुनिया में वैश्विक महामारी कोरोना का जो असर पूरे देश में हो रहा है, उससे लोगों को मुक्ति मिले और आम जनमानस पर आपकी कृपा सदा बनी रहे। हवन कुंड के समक्ष उन्होंने भगवान भोलेनाथ से कहा कि, जल्द से जल्द कोरोना महामारी से लोगों को निजात मिले और आम जनमानस में खुशहाली आए।
राष्ट्रीय प्रभारी एवं राष्ट्रीय अनुशासन मंत्री ज्ञान प्रकाश तिवारी ने रुद्राभिषेक करने के बाद यज्ञ भी किया और महामृत्युंजय मंत्र के साथ प्रभु श्री राम का भव्य मंदिर जिसका 5 अगस्त को देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा भूमि पूजन होना है, के भव्य मंदिर निर्माण के लिए कई आहुतियां भी डाली। जिससे प्रभु श्रीराम की कृपा आम जनमानस पर बनी रहे। उन्होंने प्रभु श्रीराम से मांग की, हे प्रभु आपकी छत्रछाया में हम सब स्वास ले रहे हैं। आप सदा हम सब पर अपनी कृपा बनाए रखना।
उन्होंने कहा कि, आपका भव्यतम मंदिर अयोध्या में जो बनने जा रहा है, वह पूरे विश्व में एक इतिहास रचेगा। ऐसी कृपा बनाए रखना। इस अवसर पर योग्य प्रतिष्ठित अखिल विश्व गायत्री परिवार के श्रेष्ठ संजय परि ब्राजक प्रांतीय युवा प्रकोष्ठ उत्तर प्रदेश के द्वारा रुद्राभिषेक किया गया। उनके साथ समाजसेवी गायत्री परिवार के पूर्व ट्रस्टी अमरनाथ तिवारी, लोकेश तिवारी, राजीव कुमार, महेंद्र कुमार, शकुंतला तिवारी, बंदना, राधेश्याम उपस्थित रहे।
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