रजनीकांत अवस्थी
महराजगंज/रायबरेली: अयोध्या में श्री राम जन्मभूमि के स्थान पर भव्य मंदिर निर्माण के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा संघ के अखिल भारतीय सरसंघचालक मोहन भागवत और उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल तथा यशस्वी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की उपस्थिति में जो भूमि पूजन का कार्य हुआ है, उसकी तो विश्व स्तर पर सराहना हो ही रही है, लेकिन भूमि पूजन के उपरांत पहला प्रसाद दलित समाज के महावीर प्रसाद के घर पहुंचा कर विश्व हिंदू परिषद बजरंग दल और संघ परिवार के अन्य अनुषांगिक संगठनों ने पूरे भारत को समरसता, एकसूत्रता की अटूट डोर से बांधने का जो प्रयास किया है, वह अत्यंत ही प्रशंसनीय है, तथा यह संकेत है कि, संघ परिवार पूरे भारतवर्ष को एकात्मता समरसता से जोड़ने की मुहिम में लगा हुआ है, और राम मंदिर का निर्माण प्रभु श्री राम के मंदिर के साथ-साथ अखंड भारत अखंड राष्ट्र की उद्देश्य पूर्ति के लिए उठाया गया कदम है। उक्त उद्गार वरिष्ठ भाजपा नेता और बछरावां क्षेत्र से दो बार विधायक रह चुके राजाराम त्यागी ने पत्रकार वार्ता में व्यक्त किया हैं।
आपको बता दें कि, श्री त्यागी ने यह भी बताया कि, श्री राम ने अपने जीवन काल में लंका विजय के दौरान समाज के विभिन्न दबे कुचले यहां तक की कोल, भील, वानर, वनवासी आदिवासी समाज के लोगों को न केवल संगठित किया था, बल्कि सबके अंदर रामत्व का भाव भर के समरसता और आत्मसम्मान का भाव जगाया था। समाज के सभी वर्गों को साथ लेकर आतंक अन्याय अनाचार और दंभ के प्रतीक रावण का वंश समूल नाश करके पृथ्वी पर मानवता, करुणा, दया, विश्वबंधुत्व का संदेश दिया था।
उन्होंने यह भी कहा कि, घायल जटायु को अपने बाहों में जगह श्रीराम ने ही दी थी, तथा शबरी के जूठे फल भी खा कर समाज को एक नया संदेश दिया था। इसके साथ ही राम केवट संवाद प्रभु राम की समरसता वाली भावना का सर्वोच्च प्रतीक माना जाता है। पूर्व विधायक ने यह भी कहा कि, प्रभु राम ने संसार को जीवन जीने का एक नया संदेश दिया था। जिसमें न कोई ऊंचा, न कोई नीचा, ना कोई भेदभाव सब मानव एक और छोटे से छोटे व्यक्ति की बात राज्य सत्ता तक पहुंचे और उसे न्याय मिले, यह भगवान श्री राम का चरित्र था। तभी रामराज्य को विश्व में सबसे श्रेष्ठ शासन की व्यवस्था माना जाता है।
श्री त्यागी ने कहा कि, श्री राम कार सेवा समिति द्वारा जो व्यापक आंदोलन चलाया गया था, उसमें हिंदू समाज के सभी वर्गों को जोड़कर सबको राममय किया गया था। हिंदू समाज में चाहे अगड़ा हो, चाहे पिछड़ा हो, चाहे दलित भाई हो, चाहे वनवासी हो, चाहे गिरि वासी हो, सबने एक स्वर से श्री राम जन्म भूमि पर रामलला के भव्य मंदिर निर्माण का जो संकल्प लिया था। अब वह पूरा होने वाला है।
उन्होंने इस बात पर गर्व महसूस करते हुए यह भी बताया कि, श्री राम जन्मभूमि मुक्ति आंदोलन में वह भी एक स्वयंसेवक के रूप में जुड़े रहे और 1992 को अयोध्या में आयोजित श्रीराम कार सेवा समिति में कार्य सेवक के रूप में उन्हें भी भाग लेने का सौभाग्य प्राप्त हुआ था।
श्री त्यागी ने कहा कि, भूमि पूजन के उपरांत दलित समाज के महावीर प्रसाद के घर संघ परिवार के लोगों ने जिस प्रकार जाकर आदर सहित पहला प्रसाद उनको समर्पित किया था, यह बात दर्शाती है कि, बिहार के कामेश्वर पासवान से शुरू होकर भारत के करोड़ों करोड़ दलित, पिछड़े, अगड़े और पूरे हिंदू सर्व समाज को साथ लेकर राम मंदिर रूपी राष्ट्र मंदिर का निर्माण किया जाएगा।

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