अगले विजयादशमी तक के लिए अमर हो गए रावण और कुंभकरण।। Raebareli news ।।

 

रजनीकान्त अवस्थी

महराजगंज/रायबरेली: कोरोना महामारी का असर इस कदर हावी रहा कि, इस विजयादशमी पर रावण और कुंभकरण अगले साल तक के लिए अमर हो गए। क्षेत्र में कहीं भी रावण और कुंभकरण के पुतलों का दहन नहीं हुआ, ना ही कहीं पर दशहरा मेले का आयोजन किया गया। लोगों का मानना है कि, सैकड़ों वर्ष के अंतराल के बाद यह परंपरा टूट गई, और रामनवमी के जुलूस भी नहीं निकले, सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आयोजनों में भी भारी कमी देखी गई।

    आपको बता दें कि, 8 महीने पहले से कोविड-19 के चलते आम जनजीवन में भारी बदलाव देखने को मिला। हालांकि अनलॉक फाइव लागू है। प्रदेश सरकार ने कुछ प्रतिबंधों के साथ धार्मिक आयोजनों को छूट दे रखी है। लेकिन स्थानीय स्तर पर पुलिस और प्रशासन कोई इस तरह की ढिलाई नहीं देना चाहता, जो आगे चलकर उसके गले की हड्डी बन सके। इसी के चलते महराजगंज के हनुमान गढ़ी मंदिर और हरदोई के रामलीला मैदान में सैकड़ों साल से लगता आया दशहरा मेला इस बार नहीं लग सका। मेले के दौरान ही रावण कुंभकरण और मेघनाथ के पुतलों के दहन का कार्यक्रम, जो हर साल होता था, इस बार नहीं हुआ। 

     इसके चलते दुकानदार और मेले के शौकीन लोग मायूस होकर रह गए। सबसे बड़ी मायूसी बच्चों और किशोरों को हुई जो मेले की तैयारी के लिए हफ्तों पहले से कार्यक्रम बनाया करते थे, इस बार वह भी नहीं हुआ।

     दुर्गा पूजा आयोजन भी सिमट कर एक बटे तीन रह गए। वहीं महराजगंज कस्बे के जसवंतरी देवी मंदिर परिसर में नवरात्र के दौरान दो जवाबी कीर्तन और दुर्गा जागरण के साथ-साथ बच्चों के झूले आदि लगाए जाते थे, वह भी नहीं लगे। मात्र एक जवाबी कार्यक्रम हुआ, उसमें भी महज नाम मात्र के श्रोता रहे। आम जनमानस में कोविड-19 को ही इन सब के पीछे कोसा जा रहा है।

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