अदालत के आदेश पर नाबालिक के साथ हुए बलात्कार की दर्ज हुई प्रथम सूचना।। Raebareli news ।।

 

रजनीकांत अवस्थी

बछरावां/रायबरेली: उत्तर प्रदेश के अंदर जहां आए दिन सामूहिक बलात्कार की घटनाएं घट रही हैं, और प्रदेश की योगी सरकार इन्हें रोकने के लिए पूरी तरह कटिबद्ध है। वहीं पुलिस द्वारा किस तरह इन अपराधों को संज्ञान में लिया जा रहा है। इसका एक उदाहरण बछरावां थाने में दिखाई पड़ा।

     आपको बता दें कि, यहां माह अप्रैल 2020 को एक 13 वर्षीय दिव्यांग बालिका के साथ बलात्कार किया गया, उक्त बालिका के माता-पिता जब थाने फरियाद करने आए, तो उस समय तैनात थानाध्यक्ष द्वारा उनकी नहीं सुनी गई। मजबूरन उनको अदालत की शरण लेनी पड़ी। तब कहीं जाकर विशेष न्यायाधीश पाक्सो के आदेश पर बछरावां थाने के अंदर धारा 376/506 व लैंगिक अपराधों से बाल संरक्षण की धारा 3 व 4 के तहत मुकदमा पंजीकृत कर अपराधी को जेल भेजा गया।

     घटनाक्रम के अनुसार गुरबख्श खेड़ा मजरे इशिया निवासी एक व्यक्ति ने गांव के ही रोहित पुत्र महादेव के विरुद्ध यह आरोप लगाते हुए  कि, उसने उनकी 13 वर्षीय दिव्यांग बालिका के साथ दुराचार किया है। शिकायत लेकर वह लोग  रोहित के पिता महादेव व उनकी मां के पास गए, तो उन लोगों ने अपने पुत्र को दंडित करने के बजाए उल्टे उन्हें ही जान से मारने की धमकी दे डाली। इस दबंगई से परेशान पीड़िता के पिता द्वारा बछरावां थाने में फरियाद की गई, परंतु कोई सुनवाई नहीं हुई। हार कर पीड़ित के पिता अदालत चले गए, जहां न्यायाधीश द्वारा  एफआईआरदर्ज करने का आदेश दिया गया। मौजूदा थानाध्यक्ष द्वारा आदेश पाते ही तत्काल प्रथम सूचना अंकित करा कर बलात्कारी रोहित को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया।

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