रजनीकांत अवस्थी
रायबरेली: विकास प्राधिकरण के संरक्षण में शहर भर में अवैध रूप से खड़े शापिंग मॉल पर जिला प्रशासन की नजरें टेढ़ी हो गई है। विगत रविवार को डिग्री कालेज चौराहे के पास कैनाल रोड पर बने एक काम्लेक्स को सील किए जाने से अवैध भवन स्वामियों में हड़कंप मचा हुआ है। नगर मजिस्ट्रेट और एसडीएम सदर की मौजूदगी में भवन स्वामी ने बिना पूर्व सूचना के की गई इस कार्रवाई को लेकर आरडीए पर पक्षपात और अवैध वसूली का आरोप लगाया है।
आपको बता दें कि, शहर में बड़ी संख्या में काम्प्लेक्स/भवन आरडीए की मिलीभगत से बगैर नक्शे के बनकर तैयार हैं। अवैध रुप से बनी इन बिल्डिंगों में पार्किंग की कोई व्यवस्था न होने से आए दिन शहर में जाम के हालात बने रहते हैं। इसके अलावा आरडीए की भ्रष्ट कारगुजारियों को आप इस तरह भी समझ सकते हैं कि, शहर के कानपुर रोड पर राजघाट तक जो ग्रीन बेल्ट का एरिया है। आज वहां पूरा शहर आबाद हो चुका है। बड़े पैमाने पर इस क्षेत्र में आज भी प्लाटिंग और भवन निर्माण की कार्रवाई चल रही है।
विगत सोमवार को कैनाल रोड पर स्थित मेगा शॉप वाले कॉन्प्लेक्स में जब जिला प्रशासन की टीम ने पहुंच कर सीलिंग की कार्रवाई शुरू की थी, तो आरडीए की पूरी अवैध वसूली के खेल का एक तरह से भंडाफोड़ हो गया। खुद भवन स्वामी ने आरोप लगाया कि, आरडीए जानबूझकर अवैध वसूली के चक्कर में इस तरह की कार्रवाई करवा रहा है। उसने जब नगर मजिस्ट्रेट और एसडीएम सदर से कार्रवाई के विषय में आदेश की कॉपी मांगी, तो उच्चाधिकारियों के पास भी इस बात का कोई जवाब नहीं था। मीडिया कर्मियों द्वारा पूछे जाने पर उनका कहना था कि, वह उच्चाधिकारियों के निर्देश पर आए हैं, और इस पर किसी तरह के बयान देने के लिए वह अधिकृत नहीं है। फिलहाल उन्होंने भवन स्वामी को जिलाधिकारी के समक्ष अपना पक्ष रखने का निर्देश देते हुए मेगा शाप से ग्राहकों को बाहर निकाल कर पूरा काम्प्लेक्स सील करा दिया, और वापस चले गए।
इस दौरान मौके पर नगर मजिस्ट्रेट युगराज सिंह, एसडीएम सदर अंशिका दीक्षित, सीओ सदर, शहर कोतवाल समेत भारी पुलिस बल मौजूद रहा।

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