रजनीकांत अवस्थी
रायबरेली: दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग उत्तर प्रदेश द्वारा दिव्यांगजनों को लाभान्वित किये जाने हेतु संचालित योजनाएं तथा दिव्यांग पेंशन योजना, सहायक उपकरण योजना, दिव्यांग विवाह प्रोत्साहन पुरस्कार योजना, दुकान निर्माण/संचालन योजना संचालित की गई है। जिनका लाभ जनपद के सभी पात्र दिव्यांगजनों को दिलाये जाने हेतु अधिकारी आगे आये।
आपको बता दें कि, जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव ने बताया है कि, प्रदेश सरकार की दिव्यांगजन भरण पोषण अनुदान योजना, कृत्रिम अंग/सहायक उपकरण योजना, दिव्यांगजन विवाह प्रोत्साहन पुरस्कार अनुदान योजना, दिव्यांगजन पुनर्वासन हेतु दुकान निर्माण/संचालन योजना आदि योजनाओं की जानकारी दिव्यागंजन को दे, तथा उन्हें लाभान्वित किया जाए।
जिलाधिकारी ने बताया कि, दिव्यांग भरण-पोषण अनुदान योजनान्र्तगत (दिव्यांग पेंशन) प्रदान की जाती है जिसके अन्र्तगत रूपये 500 प्रतिमाह की दर से 6000 वार्षिक पेंशन धनराशि दिव्यांगजनों के खातों में आन लाइन द्वारा पी0एफ0एम0एस प्रणाली के माध्यम से प्रेषित की जाती है। जिसके अन्र्तगत आवष्यक अभिलेख -पासपोर्ट साइज दिव्यांगता प्रदर्षित फोटो, आयु प्रमाण-पत्र/परिवार रजिस्टर नकल, दिव्यांगता प्रमाण-पत्र, बैंक खाता सम्बन्धी प्रपत्र, आय प्रमाण-पत्र, ग्राम सभा के निवासी होने की स्थिति सम्बन्धित ग्राम सभा का प्रस्ताव तथा आधार कार्ड को स्व प्रमाणित कर अपलोड किया जाना अनिवार्य है। इसी प्रकार कृत्रिम अंग/सहायक उपकरण योजनान्र्तगत दिव्यांगजनों को कृत्रिम अंग/सहायक उपकरण ट्राईसाइकिल, व्हीलचयेर, सी0पी0 चेयर, बैशाखी, वांकिग स्टिक, श्रवण यन्त्र, ए0डी0एल0किट (कुष्ठरोग से मुक्त व्यक्तियों के लिए) आदि उपकरण प्रदान किये जाते हैं। आवेदन-पत्र के साथ नवीनतम दिव्यांगता प्रदर्शित फोटो, आय प्रमाण-पत्र, दिव्यांगता प्रमाण-पत्र, यू0डी0आई0डी0 कार्ड, जाति प्रमाण-पत्र निवासी सम्बन्धी प्रपत्र संलग्न किया जाना आवश्यक है।
डीएम ने बताया कि, दिव्यांगजन विवाह प्रोत्साहन पुरस्कार अनुदान योजनान्र्तगत दिव्यांग व्यक्तियों से विवाह करने पर अनुदान प्रदान किया जाता है। युवक के दिव्यांग होने पर रूपये 15000 युवती के दिव्यांग होने पर रूपये 20000 एवं युवक एवं युवती दोनों के दिव्यांग होने पर रूपये 35000 की अनुदान राशि प्रदान की जाती है। आवेदन- पत्र गत वित्तीय वर्ष एवं चालू वित्तीय वर्ष के स्वीकार किये जायेगें, तदोपरान्त विवाह तिथि के अनुरूप ही पात्रता के आधार पर चयन कर लाभान्वित किया जाता है। विवाह के समय युवक 21 वर्ष से कम तथा 45 वर्ष से अधिक न हो एवं युवती की आयु 18 वर्ष से कम तथा 45 वर्ष से अधिक न हो। आवेदन-पत्र के साथ नवीनतम दिव्यांग दम्पत्तियों का फोटोग्राफ, दिव्यांगता प्रमाण-पत्र, आय प्रमाण-पत्र, विवाह प्रमाण-पत्र, जाति प्रमाण-पत्र, संयुक्त बैंक खाता, निवासी सम्बन्धी प्रपत्र, यू0डी0आई0डी0 कार्ड प्रति संलग्न करना आवश्यक है। इसी प्रकार दिव्यांगजन पुनर्वासन हेतु दुकान निर्माण/संचालन योजनान्र्तगत दिव्यांग व्यक्तियों को दुकान निर्माण एवं संचालन हेतु अनुदान/ऋण प्रदान किया जाता है। दुकान संचालन हेतु रूपये 10000 जिसके अन्र्तगत रूपये 7500 ऋण एवं 2500 अनुदान के रूप में स्वीकृत किया जाता है। ऋण धनराशि रूपये 7500 (4 प्रतिशत) वार्षिक साधारण ब्याज के रूप में दिव्यांग द्वारा चालान के माध्यम से जमा किया जाता है। स्वीकृति धनराशि का प्रेषण सीधे आनलाइन खातों में आनलाइन किया जाता है। आवेदन-पत्र के साथ नवीनतम दिव्यांगता प्रदर्शित फोटोग्राफ, दिव्यांगता प्रमाण-पत्र, आय प्रमाण-पत्र, जाति प्रमाण-पत्र, बैंक खाता, दुकान संचालन हेतु खोखा गुमटी ठेला अथवा किराये हेतु किरायानामा सम्बन्धी प्रपत्र, निवासी सम्बन्धी प्रपत्र, यू0डी0आई0डी0 कार्ड प्रति संलग्न किया जाना आवश्यक है। उन्होंने मुख्य विकास अधिकारी, एडीएम, समस्त एसडीएम व खण्ड विकास अधिकारी, तथा जिला दिव्यागंजन सशक्तिकरण अधिकारी को निर्देश दिये कि वह सरकार द्वारा दिव्यागंजनों की लाभपरक योजनाओं का प्रचार-प्रसार कर दिव्यागंजन को लाभान्वित करने में आगे आये।

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