किसान आंदोलन: 41 सूत्री अपनी मांगों को लेकर धरने पर बैठे अराजनीतिक लोकतांत्रिक संगठन के किसान नेता।। Raebareli news ।।

 

रजनीकांत अवस्थी

महराजगंज/रायबरेली: क्षेत्र में किसान संगठनों का धरना प्रदर्शन कार्यक्रम जारी है। इसी क्रम में भारतीय किसान यूनियन अराजनैतिक लोकतांत्रिक संगठन द्वारा किसानों से जुड़ी 41 सूत्रीय मांगों को लेकर महराजगंज ब्लॉक मुख्यालय पर दो दिवसीय धरना प्रदर्शन का कार्यक्रम प्रारंभ हुआ है। संगठन के जिला अध्यक्ष राम सुमिरन यादव एवं जिला महामंत्री शशि कुमार यादव की अगुवाई में शुरू हुए धरने में किसानों से जुड़ी समस्याओं के निराकरण के लिए यह कहा गया है कि, आगामी शुक्रवार तक कोई सक्षम अधिकारी उनका ज्ञापन लेने और समस्याओं के निराकरण हेतु उनके धरना स्थल तक नहीं आता है, तो 29 जनवरी 2001 को 3 बजे तक प्रतीक्षा करने के बाद मजबूर होकर किसान अपनी समस्याओं के निराकरण हेतु मुख्यमंत्री के आवास की ओर पैदल प्रस्थान करेंगे।


   आपको बता दें कि, धरने की अध्यक्षता करते हुए जिला अध्यक्ष ने कहा कि, पूरा देश किसानों के बल पर उनकी मेहनत पर चल रहा है। लेकिन हैरत की बात है कि, हुक्मरान किसानों की छोटी-छोटी समस्याओं का निराकरण करने के लिए कभी नहीं सोचते। उन्होंने कहा कि, डीह परशदेपुर नहर से दौतरा रजबहा 1977 में निकाला गया था। लेकिन इस नहर के निर्माण में जिन किसानों की भूमि अधिग्रहित की गई थी, उन्हें आज तक उसका मुआवजा नहीं मिला। इसके अलावा छुट्टा गौवंश की समस्या से कराह रहे किसानों के बारे में सरकार को कोई परवाह नहीं है। मात्र चंद पशु आश्रय स्थल बनाए गए हैं। जबकि क्षेत्र में पहरेमऊ, ओया, पहरावां, खैराना, अशरफाबाद, चंदापुर, जनई, ज्योना, टीसाखानापुर, कैर, कुसुढ़ी सागरपुर में पशु आश्रय स्थल बनवाए जाएं, तथा नील गायों की समस्या से भी किसानों को मुक्ति दिलाई जाए।


   ज्ञापन में अन्य मांगों में किसानों के नलकूपों की बिजली की दरों को कम करने की मांग के साथ साथ महराजगंज दुसौती मार्ग के पुनरुद्धार, रायबरेली रजवाहा से जुड़े असनी, राघवपुर, सलेथू, बल्ला, नरई, सारीपुर, महराजगंज, सुजातगंज, सेनपुर में सिंचाई का पानी न पहुंचने पर नहरों के कायाकल्प कराने की भी मांग की गई है। विशेष रूप से विद्युत विभाग द्वारा गलत निकाली जा रही मीटर रीडिंग और अनाप-शनाप बिल भेजे जाने का मामला भी उठाया गया है। इसके साथ ही चंदापुर गांव में लगे विशाल सोलर प्लांट के महीनों से बंद पड़े रहने पर भी नाराजगी जताई गई है। वहीं जल निगम द्वारा बल्ला गांव में 6 वर्ष पहले लगवाई गई पानी की टंकी के अब तक शुरू ना होने पर किसानों ने कड़ा विरोध जताया।


    किसानों की एक और बड़ी मांग यह रही कि, बल्ला गांव में चकबंदी प्रक्रिया शुरू है। किंतु 6 साल बीत गए है, किसानों को पर्चा पांच तक नहीं बांटा गया। यहां के चंद दबंग और बड़े किसान अपने फायदे के लिए चकबंदी कराना चाहते हैं। जबकि 99 फ़ीसदी गरीब लोग चकबंदी खत्म कराना चाहते हैं। इसलिए चकबंदी प्रक्रिया खत्म की जाए।

     इन मांगों को लेकर दिनभर किसान नेता भाषण बाजी करते रहे। अंत में निर्णय लिया गया कि, कल शुक्रवार तक कोई अधिकारी उनके धरने में आकर गलत ज्ञापन नहीं लेता, तो सारे किसान जिनमें कल और भी बड़ी तादात में किसान जुड़ेंगे। सभी लोग पैदल मुख्यमंत्री आवास के लिए कूंच करेंगे।

    इस मौके पर श्याम लाल यादव, संत प्रसाद यादव, रामकरन, मोहम्मद इसरार हुसैन उर्फ कल्लू, इंद्रपाल सिंह, धर्मेंश मौर्या, चंद्र भूषण सिंह, अखिलेश चौहान, सुशील यादव, सतीश कुमार, लालजीत सिंह, बन्नू सिंह, चंदा सिंह, लक्ष्मी, सुमन मौर्या, शीला रावत, कन्हैयालाल, प्रदीप, शिवबालक पाल, जगमोहन, जयकरन, ताराचंद, बुधाना, राजकमल लोधी, शीतल आदि मौजूद रहे।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ