जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव ने जिला कारागार की व्यवस्थाओं का लिया जायजा दिये उचित दिशा निर्देश।। Raebareli news ।।

 

रजनीकांत अवस्थी

रायबरेली: उ0प्र0 राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ तथा जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, रायबरेली अब्दुल शाहिद के दिशा-निर्देशन में जनपद के जिला कारागार में निरुद्ध बन्दी के देख-रेख, खान-पान, रहन-सहन तथा लीगल ऐड क्लीनिक एवं बन्दियों के हितों से सम्बन्धित मामलो के सम्बन्ध में पूर्णकालिक सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण मयंक जायसवाल द्वारा सप्ताहिक निरीक्षण सोशल डिस्टेंसिग का पालन करते हुए किया गया। इस दौरान सचिव ने प्रभारी कारापाल अनिल कुमार विश्वकर्मा तथा उपकारापाल श्रीमती वन्दना गौतम एवं कुंवर वीरेन्द्र विक्रम सिंह से जेल के अन्दर कैदियों की स्थिती व रख-रखाव तथा कोरोना वायरस के बचाव के बाबत जानकारी लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिये। 

    आपको बता दें कि, प्रभारी कारापाल को निर्देशित किया गया कि, जो भी बन्दी जिला कारागार में आ रहे है, उनकी जाँच कराकर उन्हें मास्क व सैनेटाइजर उपलब्ध कराया जाए। सचिव द्वारा जेल की सभी बैरकों, भोजनालय, अस्पताल एवं महिला बैरक का रोजाना सैनेटाइजेशन कराने का निर्देश दिया। निरीक्षण में कुल 1355 बन्दी निरुद्ध बताये गये सचिव ने जेल अधीक्षक को महिला बन्दियों के साथ रह रहे बच्चों के स्वास्थ्य की देख-भाल कराने तथा उन्हें समय से दवा आदि उपलब्ध कराने एवं बढ़ती ठण्ड को दृष्टिगत रखते हुए बच्चों को स्वेटर एंव गर्म कपड़े उपलब्ध कराने के निर्देश दिये। अस्पताल के के निरीक्षण के दौरान यह पाया गया कि, अस्पताल में 20 बन्दियों को भर्ती किये जाने की व्यवस्था है परन्तु वर्तमान में 26 बन्दी अस्पताल में भर्ती है। जिसके बारे में स्पष्टीकरण मांगने पर चिकित्सक डा0 सुनील अग्रवाल द्वारा बताया गया कि ठण्ड के कारण कुछ बन्दी बढ़ गये है जिनको 1-2 दिनों में स्वास्थ्य हो जाने के उपरांत उनके बैरक भेज दिया जाएगा।  

      अस्पताल में भर्ती 1 बन्दी धीरज पाण्डेय द्वारा अपने किडनी व लीवर में दर्द की शिकायत की जिस पर चिकित्सक व उपकारापाल को निर्देशित किया गया कि उक्त बन्दी की यथाशीघ्र जाँच करवाकर उचित चिकित्सीय सुविधा दी जाए। सचिव ने बंदियों से बात कर उनकी परेशानियों, विधिक समस्याओं एवं जेल में मिलने वाली सुविधाओं की जानकारी ली। सचिव ने बन्दियों को बताया कि जेल में किसी भी प्रकार की समस्या हो तो वह जेल में स्थापित लीगल ऐड क्लीनिक के माध्यम से विधिक मदद ले सकते है। निरीक्षण के दौरान जिन बंदियों ने यह बताया कि उनके मुकदमें की पैरवी हेतु अधिवक्ता नहीं है उन्हें यह सुझाव दिया गया कि वह जेल अधीक्षक के माध्यम से अपने प्रार्थनापत्र जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को भेज दे। जेल के अन्दर कोविड-19 के तहत जारी दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन करने हेतु जेल अधीक्षक को निर्देशित किया गया। निरीक्षण में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, रायबरेली की रिसोर्स पर्सन महिला अधिवक्ता ममता शर्मा पराविधिक स्वयं सेवक पवन कुमार श्रीवास्तव और महिला पराविधिक स्वयं सेवक अमिता गुप्ता उपस्थित रही।

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