सीएचसी के डॉक्टरों द्वारा बाहर से दवाएं लिखे जाने पर मरीजों और तीमारदारों ने किया प्रदर्शन।। Raebareli news ।।

रजनीकांत अवस्थी

शिवगढ़/रायबरेली: सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र शिवगढ़ में धड़ल्ले से कमीशन वाली दवाएं लिखे जाती हैं। इतना ही नहीं इस अस्पताल में डिलीवरी के बाद 550 रुपए से 900 रुपए तक की प्रोटीन किट लिखी जाती है। यहां 7 एमबीबीएस डॉक्टर होने के बावजूद डाक्टरो का न कोई आने का समय है, और न ही जाने का समय है। कुछ ऐसे डॉक्टर भी हैं, जो आते ही नहीं है। जिसको लेकर तिमानदार व मरीजों ने  बुधवार को जोरदार प्रदर्शन किया।

   आपको बता दें कि, सूबे की प्रदेश सरकार का दावा है कि, सभी सामुदायिक स्वास्थ्य और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर निशुल्क दवाएं दी जाती हैं। बाहर से दवाएं नहीं लिखी जाती हैं। इसके बावजूद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र शिवगढ़ में इन नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। सर्दी जुखाम बुखार की दवाए 500 रुपए से लेकर 800 रुपए तक की दवाई बाहर से लिखी जा रही है। इतना ही नहीं डिलीवरी होने पर प्रोटीन किट के नाम से 500 रुपए से 900 रुपए की प्रोटीन किट बाहर से लिखी जाती है।

      जिसको लेकर बुधवार को मरीज व तीमारदार उमाकांत अवस्थी, राम अभिलाख सिंह, सूर्य नारायण सिंह सहित दर्जनों लोगों ने अस्पताल की अव्यवस्था डॉक्टरों के न आने बाहर से दवा लिखे जाने को लेकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन कर रहे लोगों का कहना है कि, इस अस्पताल की जांच होनी चाहिए हर मरीज को बाहर से दवा लिखी जाती है। डिलीवरी होने पर भी प्रोटीन किट के नाम पर बाहर से दवा लिखी जाती है। ऐसे डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।

बाहर से हर मरीज को लिखी जाती है कमीशन वाली दवाई: तीमारदारों ने उस समय हंगामा खड़ा कर दिया जब भाजपा बूथ अध्यक्ष के पत्नी की डिलीवरी होने पर प्रोटीन किट लाने के लिए बाहर से लिख दी गई। बेड़ारु निवासी मरीज श्रवण कुमार ने बताया कि, पेट में दर्द था, अंदर दवा लेने गए थे। डाक्टरो ने बाहर से पर्ची लिखी है। वहीं मरीज प्रवीण कुमार निवासी शिवगढ़  दवा लेने गए थे, सीएचसी के डॉक्टरों ने कहा कि, यहां दवा नहीं है। बाहर की दवा लिखी गई हैं। जबकि भाजपा बहुदा खुर्द बूथ अध्यक्ष इंद्रजीत ने बताया कि, मंगलवार शाम उनकी पत्नी की डिलीवरी हुई थी, डिस्चार्ज करने के पहले प्रोटीन किट यहां के डॉक्टरों द्वारा लिखी गई। जिसकी कीमत 550 रुपए है। डिलीवरी कक्ष में मौजूद कई मरीजों का कहना था कि, हर डिलीवरी पर प्रोटीन लिखी जाती है। जिसकी कीमत 500 रुपए से लेकर तो किसी की 900 रुपए तक है।

    इस बारे में जब एसडीएम महराजगंज सविता यादव से बात की गई, तो उन्होंने बताया कि, यदि समय से डॉक्टर नहीं आते हैं, और बाहर से दवा लिखते हैं, या कभी-कभी आते हैं, तो जांच के बाद ऐसे डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।



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