वायरल फीवर और जुखाम सांस लेने की दिक्कत के चलते 36 घंटे के अंदर क्षेत्र में 3 महिलाओं सहित हुई 6 लोगों की मौत।। Raebareli news ।।

 

रजनीकान्त अवस्थी

महराजगंज/रायबरेली: बीते 36 घंटे के दौरान वायरल फीवर सांस लेने में परेशानी और जुकाम जैसी बीमारियों से ग्रसित होकर महराजगंज क्षेत्र के मऊ, राजापुर जमोलिया, पूरेहनुमंत सिंह मजरे ताजुद्दीनपुर जैसे गांव में 3 महिलाओं सहित 6 लोगों की मृत्यु हो जाने की खबर से पूरे इलाके में मातम का माहौल पसर गया है। मरने वालों में एक अग्रणी व्यवसाई भी शामिल है। आम जनमानस यह नहीं समझ पा रहा है कि, यह हो क्या रहा है। उधर स्वास्थ्य विभाग द्वारा लगातार लोगों को झोलाछाप से इलाज न कराने की और मरीजों को सीधे सरकारी अस्पताल में आने की सलाह दी जा रही है। परंतु कोरोना पॉजिटिव घोषित न कर दिया जाए, इसलिए बीमारी को लोग छुपा कर गांव में ही ज्यादातर लोग इलाज करा रहे हैं।

    आपको बता दें कि, महराजगंज विकासखंड क्षेत्र के गांव राजापुर मजरे जमोलिया में बीते 36 घंटे के दौरान गांव के ही रहने वाले 60 वर्ष रामदयाल तेज बुखार जुखाम और सांस लेने में दिक्कत की वजह से घर पर ही मौत हो गई। वहीं इसी गांव निवासी वासुदेव की 55 वर्षीय मां की भी मौत हो गई। इसके अलावा आज सुबह तड़के गांव के ही रहने वाले किशुन यादव 55 ठेकेदार, जोकि काफी नेक और मिलनसार स्वभाव की वजह से क्षेत्र में पहचान बनी हुई थी, को तेज बुखार जुखाम और सांस लेने में दिक्कत हुई, जिन्हें परिजन जिला अस्पताल ले जा रहे थे, और हरदासपुर के पास पहुंचते ही उन्होंने दम तोड़ दिया। ठाकुरपुर के कोटेदार राम प्रकाश ने बताया कि, तीनों लोगों को बुखार जुखाम और सांस लेने में दिक्कत की वजह से इलाज ठीक ना मिल पाने से मौत हुई है।

    वहीं चौथी घटना मऊ बाजार निवासी राम नरेश कुम्हार की 40 वर्षीय पत्नी सरजू देई का बीते सोमवार को सांय लगभग 5:00 बजे घर पर ही ऑक्सीजन न मिलने के कारण मौत हो गई। उनके बेटे पवन ने बताया कि, दो-तीन दिनों से इनकी मां सरजू देई की बीपी काफी लो हो गई थी, जिसकी वजह से सांस फूल रही थी, और ऑक्सीजन पर्याप्त मात्रा में न मिलने के कारण मौत का होना बताया गया है। जबकि पांचवीं घटना विगत सोमवार को सुबह पूरे हनुमंत सिंह मजरे ताजुद्दीनपुर निवासी अग्रणी व्यवसाई शिव नायक सिंह 72 की भी मौत हो गई। पूर्व प्रमुख महेंद्र सिंह ने बताया कि, 2 दिन पूर्व से तबीयत खराब हुई, जिन्हें अस्पताल ले जाया गया। ऑक्सीजन लगी हुई थी, उसके बावजूद भी उन्हें सांस लेने में दिक्कत हो रही थी, और उनकी मौत हो गई।

    जबकि इसी गांव के रहने वाले वरिष्ठ समाजसेवी दल बहादुर सिंह उर्फ डल्लन ठेकेदार के भाई राम बहादुर सिंह की 52 वर्षीय पत्नी जो गोसाईगंज में रहते थे, की आज सुबह मौत हो गई। इनके बारे में बताया जाता है कि, यह लखनऊ के किसी प्राइवेट हॉस्पिटल में भर्ती थी, और इन्हें भी तेज बुखार सांस लेने में दिक्कत थी। जिसकी वजह से इनकी मौत हो गई।

    ताबड़तोड़ हो रही इन मौतों के बारे में जब अधीक्षक डॉ राधाकृष्णन से बात की गई, तो उन्होंने बताया कि, आकस्मिक सेवाओं के लिए सीएचसी 24 घंटे खुला रहता है। अधिकतर लोग वायरल फीवर जुखाम बुखार को हल्के में ले कर इलाज के लिए यहां नहीं आते हैं। जिससे समस्याएं पैदा हो रही हैं। उन्होंने लोगों से अपील किया है कि, स्वास्थ्य संबंधी कोई भी दिक्कत होने पर तत्काल मरीज को झोलाछाप डॉक्टरों को दिखाने की बजाय, सीएचसी लाया जाए। यहां हर संभव इलाज करने का प्रयास किया जाता है। यदि कोई मामला अब तक गंभीर प्रतीत होता है, तो तत्काल उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया जाता है।

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