रजनीकांत अवस्थी
महराजगंज/रायबरेली: जात-पात नहीं बल्कि पिछले 5 साल में जनता की सेवा और रिकॉर्ड तोड़ कराए गए विकास कार्यों से दोबारा प्रधानी जीतने का दावा सफल होता दिख रहा है। ज्योना गांव की प्रधानी में चारों तरफ युवा और कर्मठ प्रत्याशी उमेश कुमार उर्फ कुन्नू की चर्चा घर घर में है। उमेश कुमार कुन्नू की लोकप्रियता को देखकर उनके खिलाफ चुनाव लड़ने उतरे उम्मीदवारों के होश उड़ गए हैं। वहीं प्रत्याशी उमेश कुमार उर्फ कुन्नू मिल रहे जनसमर्थन से अभिभूत होकर कह रहे हैं कि, जनता जनार्दन ही ईश्वर का रूप है। वह जनता की सेवा करने का व्रत लेकर निकले हैं, और अंतिम सांस तक जनता की सेवा करते रहेंगे।
आपको बता दें कि, ब्लॉक क्षेत्र के चर्चित गांव ज्योना में त्रिस्तरीय पंचायती चुनाव का रंग पूरी तरह से चढ़ गया है। हर घर के सामने हर दुकान के सामने इकट्ठा होने वाले लोग चुनाव की ही चर्चा कर रहे हैं। इनमें सबसे ज्यादा चर्चा प्रधान पद को लेकर है। गांव वालों का कहना है कि, पिछली बार उन्होंने साधारण परिवार के उमेश कुमार उर्फ कुन्नू की पत्नी शिवानी को चुनाव जीताया था, और इस बार यह सेहरा स्वयं उमेश कुमार उर्फ कुन्नू के सर पर बांधा जाएगा।
यूं तो ज्योना गांव में प्रधान पद के लिए 12 प्रत्याशी खड़े हैं। लेकिन सामान्य वर्ग के लिए अनारक्षित इस सीट पर सबसे ज्यादा आबादी पाल बिरादरी के लोगों की है। वहीं दूसरे नंबर पर एससी बिरादरी के लोग आते हैं, जबकि तीसरे नंबर पर सामान्य अथवा अन्य बिरादरी के लोग निवास करते हैं। हमने गांव जाकर पड़ताल की, तो पता चला कि, गांव में उमेश कुमार उर्फ कुन्नू के पक्ष में लहर चल रही है, और ग्रामीणों का कहना है कि, उमेश कुमार उर्फ कुन्नू को अभी दूर दूर तक कोई टक्कर देता दिखाई नहीं दे रहा है। वहीं ग्रामीणों ने यह भी बताया कि, शिवानी के प्रधान बनने के बाद से लगातार 5 वर्ष उमेश कुमार कुन्नू ने न बगैर रुके, ना ही थके, जी जान लगाकर जनता की सेवा की है। गांव में कोई भी गरीब व्यक्ति बीमार हुआ तो, कुन्नू ने अपने साधन से उसका इलाज कराया। आवश्यकता पड़ी तो पैसे भी खर्च किए। साथ ही साथ इन्होंने गांव के प्रत्येक घर में शौचालय का लाभ दिलाया। बड़ी तादाद में लोगों को आवास स्वीकृत करा करा दिए। उन्होंने यह भी बताया कि, अभी बहुत बड़ी तादाद में लोगों का नाम सूची में चयनित हो गया है। चुनाव खत्म होते ही जब आवासों की सूची जारी होगी, तो बहुत से लोगों को आवास मिल जाएंगे।
गांव में जगह-जगह जलभराव की समस्या को दूर करने के लिए नालियां बनवाई, इंटरलॉकिंग करवाया और सड़कों का जाल बिछाया। इसके अतिरिक्त सामाजिक पेंशन योजनाओं का लाभ शिवानी के कार्यकाल में सर्वाधिक लोगों को मिला। हर वर्ष बड़ी तादाद में गरीबों को निशुल्क कंबल बांटे गए। सरकारी योजनाओं का लाभ गांव के पात्र लोगों को दिलाने में उमेश कुमार उर्फ गुन्नू ने कोई कोर कसर नहीं छोड़ी। यह भी उनका कहना है कि, जिन लोगों को आवास नहीं मिला है। जिनके नाम सूची से छूट गए हैं, जिनको शौचालय नहीं मिला है, उन सबको एक अभियान चलाकर लाभ दिलाया जाएगा। उन्होंने आजीवन जनता की सेवा का व्रत लिया है, और अंतिम सांस तक वह यह काम करते रहेंगे।
उन्होंने यह भी कहा कि, गरीब और बेसहारा लोगों की जिंदगी सुधारने के लिए उन्हें अभी बहुत काम करने हैं। उन्होंने आशा ही नहीं विश्वास जताया कि, ज्योना गांव की जनता एकजुट होकर जनसेवा और विकास के कार्यों को महत्त्व देगी, और वह सर्वाधिक वोटों से जनता का आशीर्वाद लेकर चुनाव जीतेंगे। उनके साथ हर जाति, हर वर्ग के लोग जुड़े हैं। अपनी उपलब्धियों के बारे में चर्चा करते हुए उन्होंने बताया कि, ज्योना एक ऐसा गांव है। जहां उन्होंने रिकॉर्ड 800 की तादात में राशन कार्ड बनवाए हैं। इसके अलावा यह पूछे जाने पर कि, कुछ लोग उनसे लाभ लेने के बावजूद आज चुनाव में दूसरे पक्ष में खड़े दिखाई दे रहे हैं, तो उमेश कुमार उर्फ कुन्नू ने रूंधे गले से हाथ जोड़कर विनयवत कहा कि, वह उनका भी आभार जताते हैं, जो कर्तव्य हमारा था, हमने कर दिया, अब जो वह कर रहे हैं, उसका फल ईश्वर उन्हें देगा।

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