पंचायत चुनाव सम्पन्न कराने के दौरान कोरोना महामारी से संक्रमित होकर दिवंगत द्दुए जनपद के 54 शिक्षक/ शिक्षणेत्तर परिवारों को समुचित मुआवजा, ग्रेच्युटी, पेंशन व परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ उ0प्र0 रायबरेली ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से की मांग।
रायबरेली: राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ उत्तर प्रदेश रायबरेली की वर्चुअल बैठक जिलाध्यक्ष शिवशंकर सिंह की अध्यक्षता में सपन्न हुई। बैठक में संगठन के पदाधिकारियों ने विभागीय मंत्री डॉ सतीश चंद्र द्विवेदी द्वारा प्रदेश के दिवंगत शिक्षकों के संबंध में दिए गए बयान को विभाग के मुखिया का दुर्भाग्यपूर्ण बयान बताया है, तो वहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आगे आकर जिस प्रकार चुनाव ड्यूटी के दौरान कोरोना से संक्रमित होकर दिवंगत होने वाले सभी शिक्षकों के परिवारों व प्रदेश के लाखों के दर्द को समझा है, और शासन द्वारा समुचित मुआवजा व परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की घोषणा पर संगठन धन्यवाद ने ज्ञापित किया गया।
आपको बता दें कि, जिला इकाइयों के माध्यम से कोविड-19 से संक्रमित होकर दिवंगत हुए प्रदेश में 1488 शिक्षको के सापेक्ष रायबरेली जनपद में 54 शिक्षकों, शिक्षामित्रों, अनुदेशकों व शिक्षणेत्तर कर्मचारियों /अधिकारयों की सूची तैयार की है, जो चुनाव प्रशिक्षण के पश्चात एवं मतगणना ड्यूटी के 14 दिन बाद तक दिवंगत हुए हैं। जिला अध्यक्ष शिवशंकर सिंह ने कहा कि, निर्वाचन कार्मिक के रूप में नियुक्त दिवंगत हुए समस्त शिक्षकों के ऐसे आश्रित जो बीएड/बीटीसी योग्यता धारी हैं, आपदाकालीन विशेष परिस्थितियों के दृष्टिगत नियमों में शिथिलता प्रदान कर, सम्बन्धित को अविलम्ब शिक्षक के पद पर अनुकंपा आधारित नियुक्ति दी जाए, व दिवंगत निर्वाचन कार्मिकों यथा शिक्षकों एवं गैर शैक्षणिक कर्मचारियों के आश्रित जो इण्टरमीडिएट उत्तीर्णं हैं, उन्हें विशेष परिस्थिति के दृष्टिगत लिपिक संवर्ग में नियुक्त कर, उन्हें वाछिंत विशेष अहर्ता हेतु नियमों में 5 वर्ष की शिथिलता के साथ लिपिक पद की अनुकंपा आधारित नौकरी दी जाये, तथा उच्च न्यायालय के आदेश अनुसार शिक्षकों को ग्रेच्युटी व पारिवारिक पेंशन का लाभ भी दिया जाए।
जिला महामंत्री संजय कनौजिया ने कहा कि, शासनादेश 06.10.2016 के अनुसार एनपीएस से आच्छादित सरकारी कर्मचारियों एवं शिक्षकों को सेवानिवृत्ति उपादान तथा मृत्यु उपादान का लाभ उत्तर प्रदेश रिटायरमेंट बेनिफिट रूल्स 1961(यथासंशोधित) से कर्मचारियों की भाँति अनुमन्य है। इस शासनादेश के शत-प्रतिशत और त्वरित अनुपालन का निर्देश जारी किया जाय।
वहीं कार्यकारी अध्यक्ष वीरेंद्र सिंह ने कहा कि, पंचायत निर्वाचन 2021 निर्वाचन कार्मिक के रूप में नियुक्त जो शिक्षामित्र व अनुदेशक एवं गैर शैक्षणिक कर्मचारी दिवंगत हुए हैं, उनके आश्रितों को योग्यता अनुसार नियमों में शिथिलता प्रदान कर उन्हें नियुक्त किया जाये। जिला आडीटर जयकरन ने मांग की है कि, माननीय उच्च न्यायालय इलाहाबाद द्वारा जनहित याचिका संख्या- 574/2020 आदेश दिनाँक 11.05.2021 के क्रम में पंचायत निर्वाचन 2021 में निर्वाचन कार्मिक के रूप में नियुक्त दिवंगत हुए समस्त शिक्षकों व गैर शैक्षणिक कर्मचारियों के आश्रितों को 1 करोड़ रुपए का मुआवजा राशि दिया जाये। जिला कोषाध्यक्ष संजय कुमार सिंह ने कहा कि, विगत वर्षों में सम्पन्न लोकसभा/विधानसभा/पंचायत निर्वाचन अथवा गत 5 वर्षों का अप्रैल-मई माह के आंकड़ों का विश्लेषण किया जाये, तो शिक्षक व शिक्षणेत्तर कर्मचारियों की मृत्यु पूरे प्रदेश में 15-20 से अधिक कभी नहीं हुई। ऐसी स्थिति में पंचायत निर्वाचन प्रथम चरण के प्रशिक्षण से 2/3 मई मतगणना के पश्चात तक दिवंगत हो रहे समस्त निर्वाचन कार्मिकों को कोविड-19 के संक्रमण के कारण दिवंगत हुआ मानते हुए अनुकंपा आधारित सेवा एवं आर्थिक सहायता प्रदान की जाए।
बैठक में जिला संगठन मंत्री मधुकर सिंह, सतांव महामंत्री योगेंद्र यादव, मीडिया प्रभारी आलोक सिंह, सलोन अध्यक्ष आनंद प्रताप सिंह, राकेश गौतम, राजेश द्विवेदी, कमल शुक्ला, हरचंदपुर अध्यक्ष अनूपसिंह, आई0टी0 प्रमुख आशीष प्रताप सिंह उपस्थित रहे।

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