आरोप: कल्याण लोक सेवा अस्पताल में डॉक्टर के ऑपरेशन से प्रसूता की मौत परिवारी जनों ने काटा हंगामा।। Raebareli news ।।

◆क्या ? जिला स्वास्थ्य विभाग के रहमों करम पर चल रहे बिना डिग्री डिप्लोमा वाले डॉक्टरों से हॉस्पिटल।

◆आखिरकार क्यों नहीं पड़ी मुख्य चिकित्सा अधिकारी की नजर।

रजनीकांत अवस्थी

बछरावां/रायबरेली: बछरावां क्षेत्र में कुकुरमुत्ते की तरह झोलाछाप डॉक्टरों और प्राइवेट नर्सिंग होम में अनट्रेंड लड़के लड़कियों द्वारा इलाज के नाम पर कोरोना वायरस महामारी में सरकार की गाइडलाइन को ना मानकर धड़ल्ले से किए जा रहे ऑपरेशन से लोग असमय काल के गाल में समा रहे हैं।

     आपको बता दें कि, मामला बछरावां नगर के महराजगंज रोड पर स्थित कल्याण लोक सेवा अस्पताल का है, जहां बीती रात प्रसूता गरिमा देवी (25) पत्नी विवेक कुमार की डिलीवरी सोमवार की सुबह 6:00 बजे हुई है। आरोप है कि, झोलाछाप डॉक्टरों द्वारा गलत ऑपरेशन करने के कारण लगातार 3 घंटे तक रक्तस्राव बंद ना होने के कारण मौत हो गई। परिवारी जनों के अनुसार इस हॉस्पिटल में तैनात झोलाछाप डॉक्टरों के गलत ऑपरेशन करने और लापरवाही से मौत हुई है। 

   प्रसूता के पति विवेक कुमार ने आरोप लगाया कि, झोलाछाप सर्जन के द्वारा ऑपरेशन किया गया, और विवेक कुमार से कल्याण लोक सेवा अस्पताल की संचालिका अंजलि ने बताया कि, उन्होंने पीजीआई से डॉक्टर बुलाए हैं। उन्हीं के द्वारा ऑपरेशन कराया गया है। विवेक कुमार और पारिवार के लोगों तथा नाते रिश्तेदारों द्वारा लगातार विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है। विरोध प्रदर्शन कर रहे लोगों की मांग है कि, गलत ऑपरेशन और लापरवाही के कारण हुई मौत का मामला प्रशासन संज्ञान में लेकर इस हॉस्पिटल को अभिलंब सील कराया जाए। ताकि और जिंदगियों को बचाया जा सके।

    आपको यह भी बता दें कि, बछरावां विधानसभा क्षेत्र में झोलाछाप डॉक्टरों की बाढ़ सी आई हुई है। कुकुरमुत्ते की तरह हर चौराहे पर अपनी दुकान सजाए बैठे मिलेंगे। बिना डिग्री, डिप्लोमा के क्षेत्र में ऐसे तमाम प्राइवेट नर्सिंग होम मिलेंगे यहां अनुभव के अभाव में लगातार मौतें हो रही हैं। स्वास्थ्य विभाग के मुख्य चिकित्साधिकारी से स्थानीय लोगों ने कई बार शिकायतें भी की हैं। फिर भी रायबरेली का जिला स्वास्थ्य विभाग कुंभकर्णी नींद सोया हुआ हझ। अब सोचने वाली बात यह है कि, इस तरह धड़ल्ले से चल रहे बिना डिग्री, डिप्लोमा, बिना रजिस्ट्रेशन वाले हॉस्पिटलों पर स्वास्थ्य विभाग कोई कार्यवाही क्यों नहीं करता है? या फिर ऐसी और प्रसूताओं को काल के गाल में शमाता देखना चाहता है।

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