अस्पताल में गंदगी देख डिप्टी सीएम का चढ़ा पारा

सार.........

⭕ औचक निरीक्षण पर पहुंचे डिप्टी सीएम अव्यवस्थाओं को लेकर अधीक्षक को लगाई फटकार।

विस्तार........

रजनीकांत अवस्थी

बछरावां/रायबरेली: डिप्टी सीएम बृजेश पाठक ने गुरुवार को बछरावां सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्हें चारों तरफ गंदगी देखने को मिली, जिससे उनका पारा चढ़ गया। उन्होंने अधीक्षक को जमकर फटकार लगाते हुए कहा कि, यह अस्पताल है या बूचड़खाना।

    आपको बता दें कि, डिप्टी सीएम बृजेश पाठक ने कहा कि, तत्काल इसकी अव्यवस्था दूर करके परिसर को स्वच्छ रखें।  डिप्टी सीएम गुरुवार की सुबह 8:01 पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बछरावां पहुंचे जहां ओपीडी में चिकित्सक नदारद थे।

      सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर चिकित्सकों की मनमानी लगातार जारी है। मरीजों की शिकायत पर उन्होंने अधीक्षक को जमकर फटकार लगाई और कहा कि, शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बृजेश पाठक ने जब उपस्थित रजिस्टर को उठाकर देखा तो वहां पर 11 कर्मचारी मौके पर नदारद मिले। इस पर उन्होंने गहरी नाराजगी जताई। 

     उन्होंने कहा कि, जब समय से डॉक्टर और कर्मचारी नहीं पहुंचेंगे तो मरीजों का इलाज कैसे होगा। गैर हाजिर कर्मचारियों का उन्होंने वेतन काटने का भी निर्देश दिया। इस दौरान जब वह डेंटल सर्जन के कक्ष में पहुंचे तो पता चला कि,  डॉक्टर शिखा गौतम बीते 6 महीने से ज्यादा बिना कारण बताएं अनुपस्थित मिली, इस पर गहरी नाराजगी जताते हुए डिप्टी सीएम ने डॉ शिखा गौतम के विरुद्ध जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने कहा कि, यदि जांच में कारण सही नहीं पाया गया तो चिकित्सक को बर्खास्त किया जाएगा। अनुपस्थित रहने वाले कर्मचारी व चिकित्सकों के 1 दिन के वेतन काटने के साथ ही उन्होंने विभागीय जांच के भी आदेश दिए।

      निरीक्षण के दौरान उन्हें वाटर कूलर के पास गंदगी और चारों तरफ बड़ी-बड़ी घास देखने को मिली। इससे उनका पारा चढ़ गया। उन्होंने अधीक्षक अनिल कुमार जैसल को कड़ी फटकार लगाते हुए कहा कि, यह अस्पताल है या बूचड़खाना नही।सफाई व्यवस्था को तुरंत दुरुस्त कराया जाय, अस्पताल में अवैध लोगों की खड़ी गाड़ियों को लेकर उन्होंने कहा कि, इन गाड़ियों को यहां पर किसने खड़ा किया है। अगर अवैध गाड़ियां है तो उनके विरुद्ध थाने में रिपोर्ट दर्ज करा कर इनको वहां जमा करा दिया जाय।

    जन औषधि केंद्र में निरीक्षण के दौरान उन्होंने देखा कि, वहां पर बाहर की दवाइयां रखी हैं, इस पर उन्होंने फटकार लगाते हुए कहा कि, सरकार की यह सोच है की लोगों को सस्ती दवाई उपलब्ध की जाए, परंतु यहां पर महंगी महंगी दवाई रखे होने से यह संकेत मिल रहा है कि, यहां पर मरीजों को ऊंचे दामों पर दवाई बेची जा रही है। उन्होंने सख्त निर्देश देते हुए कहा कि, जन औषधि केंद्र में बाहर की दवाएं मिलती हुई पाई गई और उन तक शिकायत पहुंचेगी तो कड़े कदम उठाएंगे और केंद्र के लाइसेंस को निरस्त कर किसी नए व्यक्ति को आवंटित कर दिया जाएगा। निरीक्षण के दौरान जो भी कर्मचारी गायब थे उनको जब पता चला कि, सख्त कार्यवाही होने वाली है तो उनके होश उड़ गए। 

     वहीं डिप्टी सीएम ने क्षेत्र के रामपाल खेड़ा मजरे बनवा के रहने वाले ब्रह्मा का पंजीकरण कराकर उनका पर्चा बनवाया और उपस्थित चिकित्सक से उनका इलाज भी करवाया। लगभग 20 मिनट के निरीक्षण के दौरान डिप्टी सीएम ने प्रत्येक बिंदुओं को बारीकी से परखा और उनके चले जाने के बाद कर्मचारियों ने राहत की सांस ली।

      इससे पहले डिप्टी सीएम ने क्षेत्र के सिंह द्वार पर स्थित पीपलेश्वर चुरूवा हनुमान मंदिर में माथा टेककर हनुमान जी महाराज का आशीर्वाद लिया।

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