आईडीए अभियान को लेकर 35 ग्रामप्रधानों का किया गया संवेदीकरण

सार........

⭕ आईडीए अभियान को लेकर ग्राम जन प्रतिनिधियों को किया गया प्रशिक्षित।

विस्तार.........

रायबरेली: जनपद में 10 अगस्त से दो सितम्बर तक फाइलेरिया रोधी दवा खिलाने के लिए सर्वजन दवा सेवन अभियान चलेगा। इसी क्रम में शुक्रवार को डलमऊ ब्लाक सभागार में स्वास्थ्य विभाग के तत्वावधान तथा स्वयंसेवी संस्था प्रोजेक्ट कंसर्न इंटरनेशनल (पीसीआई) के सहयोग से 35 ग्रामप्रधानों का संवेदीकरण किया गया।

     आपको बता दें कि, कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए खंड विकास अधिकारी सत्यदेव यादव ने ग्राम प्रधानों से अपील करी है कि, आईडीए अभियान के तहत वह स्वयं तो फ़ाइलेरियारोधी दवा का सेवन करें साथ ही अपने परिवार के सदस्यों और गाँव वासियों को दवा खाने के लिए प्रेरित करें। आप लोग अपने-अपने गाँव को फ़ाइलेरिया मुक्त बनाने में सहयोग करें।

      इस मौके पर स्वास्थ्य पर्यवेक्षक अभिषेक यादव ने कहा कि, फाइलेरिया मच्छर के काटने से होती है। इससे जान तो नहीं जाती है लेकिन पीड़ित जीवन भर के लिए दिव्यांग हो जाता है। इससे बचने का उपाय है मच्छर से बचना और साल में एक बार आयोजित आईडीए अभियान के तहत फ़ाइलेरिया रोधी दवा का सेवन करना। आईडीए अभियान के तहत लगातार तीन साल तक साल में एक बार फ़ाइलेरियारोधी दवा के सेवन से इस बीमारी से बचा जा सकता है। उन्होंने कहा कि, अभियान के तहत तीन दवाएं अल्बेंडाजोल, डाईइथाइल कार्बामजीन और आइवरमेक्टिन खिलायी जाएगी। यह दवा दो साल से कम आयु के बच्चों, गर्भवती और गंभीर बीमारी से पीड़ित को छोडकर सभी को खानी है। फ़ाइलेरिया पीड़ितों को भी फ़ाइलेरियारोधी दवा का एवं करना है। फ़ाइलेरियारोधी दवा सेवन के बाद कुछ लोगों में चक्कर आना, पेट में दर्द, उल्टी जैसी प्रतिक्रिया देखने को मिलती है। इससे घबराने की जरूरत नहीं है। इससे पता चल गया कि शरीर में फ़ाइलेरिया के परजीवी थे। फ़ाइलेरियारोधी दवा सेवन के बाद फ़ाइलेरिया के परजीवियों के मरने के परिणामस्वरूप यह प्रतिक्रिया होती है। घबराने की जरूरत नहीं है। यह अपने आप कुछ देर में ठीक हो जाते हैं। इस बात का ध्यान रखें कि खाली पेट दवा का सेवन नहीं करना है।

      बीसीपीएम सुधांशु त्रिपाठी ने उपस्थित सभी लोगों को फ़ाइलेरिया उन्मूलन की शपथ दिलाई।

       इस मौके पर पीसीआई के प्रतिनिधि मौजूद रहे।

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