⭕ इण्डिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक ने मनाया 7वाँ स्थापना दिवस,अहमदाबाद जीपीओ में पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव ने किया शुभारम्भ।
⭕ आईपीपीबी ने पेपरलेस व कैशलेस बैंकिंग सुविधा द्वारा दूरदराज क्षेत्रों तक पहुँचाया वित्तीय समावेशन का लाभ-पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव।
⭕ गुजरात परिमंडल में 33 लाख से ज्यादा इण्डिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक खाते संचालित।
विस्तार........
डाक विभाग के उपक्रम रूप में स्थापित इण्डिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक ने 6 वर्षों के अपने सफर में ‘आपका बैंक, आपके द्वार’ को प्रोत्साहित करते हुए तमाम नए आयाम स्थापित किये हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में वित्तीय समावेशन और डिजिटल इण्डिया के क्षेत्र में आज इसकी अहम् भूमिका है। केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं को इसके माध्यम से समाज के अंतिम व्यक्ति तक सुगमता से पहुँचाया जा रहा है। उक्त उद्गार उत्तरी गुजरात परिक्षेत्र, अहमदाबाद के पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव ने इण्डिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक के 7वें स्थापना दिवस की पूर्व संध्या पर अहमदाबाद जीपीओ में आयोजित कार्यक्रम में व्यक्त किये।
आपको बता दें कि, इस अवसर पर पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव ने आईपीपीबी की स्वतंत्र निदेशक जयश्री व्रजलाल दोषी,आईपीपीबी के एजीएम डॉ. राजीव अवस्थी,चीफ मैनेजर कपिल मंत्री, चीफ पोस्टमास्टर रितुल गाँधी संग केक काटकर कार्यक्रम का शुभारम्भ किया और आईपीपीबी में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कर्मियों को सम्मानित भी किया। 1 सितंबर, 2018 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आईपीपीबी का राष्ट्रव्यापी शुभारम्भ किया था।
गौरतलब है कि, गुजरात परिमंडल में 33 लाख से ज्यादा आईपीपीबी खाते संचालित हैं। वर्तमान वित्तीय वर्ष में गुजरात में आईपीपीबी द्वारा अब तक 1.19 लाख लोगों का सामान्य सुरक्षा बीमा, सीईएलसी के तहत 1.80 लाख लोगों का घर बैठे मोबाइल अपडेशन,2571 बच्चों का घर बैठे आधार नामांकन किया गया। 15 लाख से ज्यादा लोगों को लगभग 242 करोड़ रूपये का डीबीटी भुगतान किया गया।
पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि, सुदूर क्षेत्रों में भी लोगों के द्वार पर पेपरलेस, कैशलेस एवं प्रेजेंटलैस बैंकिंग सुविधा उपलब्ध कराते हुए आईपीपीबी ने बैंकिंग परिदृश्य को नया आकार दिया है। आईपीपीबी के लक्षित बाजार वर्ग में समाज के अत्यंत पिछड़े तथा वित्तीय समावेशन के दायरे से बाहर के लोग शामिल हैं, अत: बैंक ने विभिन्न मितव्ययी नवाचार पहलों व सरल एवं सहज उपयोगकर्ता इंटरफेस के माध्यम से उन्हें असिस्टेड बैंकिंग की सुविधा मुहैया कराई है। आईपीपीबी ग्राहकों का 44 प्रतिशत महिलाएं हैं, जो कि नारी सशक्तिकरण में भी इसकी महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित करती है।
पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि, आईपीपीबी के माध्यम से डाकिया और ग्रामीण डाक सेवक आज एक चलते फिरते बैंक के रूप में कार्य कर रहे हैं। सीईएलसी के तहत घर बैठे बच्चों का आधार बनाने, मोबाइल अपडेट करने, डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट, डीबीटी, बिल पेमेंट, एईपीएस द्वारा बैंक खाते से भुगतान, वाहनों का बीमा, स्वास्थ्य बीमा, दुर्घटना बीमा, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना जैसी तमाम सेवाएं आईपीपीबी द्वारा डाकिया के माध्यम से घर बैठे मुहैया कराई जा रही हैं। आईपीपीबी में खाता होने पर डाकघर की सुकन्या, आरडी, पीपीएफ, डाक जीवन बीमा में भी ऑनलाइन जमा किया जा सकता है। आईपीपीबी उन तमाम लोगों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए प्रतिबद्ध है, जिनके पास बीमा और अन्य वित्तीय सेवाओं तक आसान पहुंच नहीं है।
आईपीपीबी के सहायक महाप्रबंधक डॉ. राजीव अवस्थी ने कहा कि, डाक विभाग के विस्तृत एवं मजबूत नेटवर्क के माध्यम से आईपीपीबी अपने ग्राहकों को व्यापक वित्तीय समाधान प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।


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