फ़ाइलेरिया रोधी दवा खाने के लिए कर रहे प्रेरित

 

सार........

⭕ अब तक 18.13 लाख लोगों ने किया फ़ाइलेरिया रोधी दवा का सेवन।

10 अगस्त से चल रहा आईडीए अभियान।

विस्तार........

रायबरेली: डलमऊ ब्लाक की घुरवारा ग्राम निवासी 56 वर्षीय भगवान देई फ़ाइलेरिया से पीड़ित हैं और उनका दाहिना पैर इससे प्रभावित है। वह पिछले चार साल से लगातार फ़ाइलेरिया रोधी दवा का सेवन कर रही हैं। वह कहती हैं कि, हमें लगभग 30 साल से फ़ाइलेरिया है। हमने दवा नहीं खायी थी, इसलिए ऐसा हुआ। चार साल पहले जब आशा दीदी गाँव में फ़ाइलेरिया रोधी दवा खिलाने आयीं और बताया कि, फ़ाइलेरिया से बचने का उपाय है फ़ाइलेरिया रोधी दवा का सेवन करना है, तब से मैं खुद तो फ़ाइलेरिया रोधी दवा खा ही रही हूँ और प्रयास कर रही हूँ कि, गाँव का हर व्यक्ति दवा का सेवन करे। मैं नहीं चाहती कि, जो कष्ट मैनें भोगे हैं वह कोई दूसरा भोगे। भगवान देई बताती है कि, उन्होंने लोगों को अपना फ़ाइलेरिया प्रभावित पैर दिखाते हुए दवा सेवन करने के लिए कहती हूँ।

       आपको बता दें कि, वहीं सताव ब्लाक की ग्राम आशानंद पुर निवासी 52 वर्षीय रामश्री फ़ाइलेरिया से पीड़ित हैं और वह भी पिछले चार साल से फ़ाइलेरिया रोधी दवा का सेवन कर रही हैं और परिवार व अपने आस-पड़ोस के लोगों को भी फ़ाइलेरिया रोधी दवा का सेवन करवा रही हैं। उनका कहना है कि, अनजाने में अज्ञानतावश फ़ाइलेरिया रोधी दवा का सेवन नहीं किया और फ़ाइलेरिया से पीड़ित हो गए लेकिन जानकारी होने के बाद यह गलती नहीं करेंगे। मैनें पिछले अभियान में भी लोगों को समझा बुझाकर फ़ाइलेरिया रोधी दवा का सेवन करवाया था। इस बार भी मैं लोगों से गुजारिश कर रही हूं कि, फ़ाइलेरिया से बचाव की दवा का सेवन जरूर करें क्योंकि यह बीमारी ठीक नहीं होती है और मैं इसका जीता जगता उदाहरण हूँ।

     मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. वीरेंद्र सिंह कहते हैं कि, फ़ाइलेरिया रोधी दवा खाने से कोई परहेज या संकोच न करें। यह दवा पूरी तरह सुरक्षित है और विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा प्रमाणित है। फ़ाइलेरिया लाइलाज है। यह सोचकर कि, हमें तो फ़ाइलेरिया नहीं है, फ़ाइलेरिया रोधी दवा नहीं खायेंगे, बहुत बड़ी गलती करेंगे क्योंकि इसके संक्रमित होने के पांच से 15 साल बाद इसके लक्षण दिखाई देते हैं। फ़ाइलेरिया लिम्फेटिक सिस्टम को प्रभावित करती है। जब तक इसके लक्षण दिखाई देते हैं तब तक सिस्टम संक्रमित हो चुका होता है। आईडीए अभियान के तहत लगातार तीन साल तक फ़ाइलेरिया रोधी दवा खाने से इस बीमारी से बचा जा सकता है। 

      जिला मलेरिया अधिकारी भीखुल्लाह बताते हैं कि, जनपद में 10 अगस्त से फाइलेरिया रोधी दवा खिलाई जा रही है जो कि दो सितम्बर तक खिलाई जाएगी। जिसके तहत लक्षित आबादी को सप्ताह में चार दिन यानी सोमवार, मंगलवार, बृहस्पतिवार और शुक्रवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा घर-घर जाकर फ़ाइलेरिया से बचाव की दवा खिलाई जा रही है। अभी तक 18.13 लाख लोगों को फ़ाइलेरिया रोधी दवा खिलाई जा चुकी है। जनपद में लगभग 26 लाख लोगों को फ़ाइलेरिया रोधी दवा खिलाये जाने का लक्ष्य है।

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