रजनीकांत अवस्थी
बछरावां/रायबरेली: उत्तर प्रदेश खाद्य एवं रसद विभाग के क्रय केंद्र बछरावां के अफसरों की लापरवाही का आलम इस कदर परवान चढ़ा है कि, देर रात शुरू हुई बारिश के बाद भी अफसर नहीं जागे और क्रय केंद्र पर लगे किसानों के धान भीगते रहे। किसानों द्वारा कमरतोड़ मेहनत कर पैदा की गई फसल की कोई प्रवाह नही रही और अफसर अपने घरों में सोते रहे, सुबह जब किसान क्रय केंद्र पहुंचे तो उनके होश उड़ गए।
आपको बता दें कि, सुबह क्रय केंद्र पर किसानों के पहुंचने पर उन्होंने देखा कि, जी तोड़ मेहनत के बाद जिस फसल उन्होंने बिक्री के लिए केंद्र पहुंचाया था वह बारिश के चलते काल के गाल में समा चुकी है। किसानों की पूरी फसल पानी से भीग चुकी थी। वहीं इस पर भी क्रय केंद्र प्रभारी का दिल नहीं पसीजा ठंडक के चलते उन्होंने क्रय केंद्र तक पहुंचना मुनासिब नहीं समझा।
किसानों ने ट्रैक्टरों पर लगे अपने ध्यान को तिरपाल से ढक कर आगे होने वाली बारिश से बचाना मुनासिब समझा और फसल को त्रिपाल खरीद कर ढक दिया है।
कई दिनों से दिसंबर माह में भी लोगों को ठंड का एहसास नहीं हो रहा था। गुरुवार देर शाम अचानक मौसम ने करवट बदला और बारिश के साथ तेज हवाओं के झोंके आने शुरू हो गए। एक तरफ बारिश में ठंड को दावत दी तो दूसरी तरफ तेज हवाओं ने ठंड में और इजाफा कर दिया।
इसी बीच उत्तर प्रदेश खाद्य एवं रसद विभाग के क्रय केंद्र बछरावां में सैकड़ों कुंटल बिना तौल का धान किसानों का भीग गया। किसानों ने बताया कि, क्रय केंद्र प्रभारी प्रदीप शर्मा ने किसानों के धान को बचाने की कोई कोशिश नहीं की। वह अपने आवास पर आराम फरमाते रहे। सुबह जब किसान क्रय केंद्र पहुंचे तो हाय तौबा मच गई। आनन-फानन में मौके पर मौजूद केंद्र सहायक ने त्रिपाल का इंतजाम किया और भीगे हुए धान पर त्रिपाल चढ़ाने का नाटक किया गया।
इस बाबत केंद्र प्रभारी प्रदीप शर्मा ने बताया कि, जल्द ही व्यवस्थाओं को दुरुस्त कर दिया जाएगा। अचानक बारिश आ जाने से धान बीग गया है।
बछरावां/रायबरेली: उत्तर प्रदेश खाद्य एवं रसद विभाग के क्रय केंद्र बछरावां के अफसरों की लापरवाही का आलम इस कदर परवान चढ़ा है कि, देर रात शुरू हुई बारिश के बाद भी अफसर नहीं जागे और क्रय केंद्र पर लगे किसानों के धान भीगते रहे। किसानों द्वारा कमरतोड़ मेहनत कर पैदा की गई फसल की कोई प्रवाह नही रही और अफसर अपने घरों में सोते रहे, सुबह जब किसान क्रय केंद्र पहुंचे तो उनके होश उड़ गए।
किसानों ने ट्रैक्टरों पर लगे अपने ध्यान को तिरपाल से ढक कर आगे होने वाली बारिश से बचाना मुनासिब समझा और फसल को त्रिपाल खरीद कर ढक दिया है।
कई दिनों से दिसंबर माह में भी लोगों को ठंड का एहसास नहीं हो रहा था। गुरुवार देर शाम अचानक मौसम ने करवट बदला और बारिश के साथ तेज हवाओं के झोंके आने शुरू हो गए। एक तरफ बारिश में ठंड को दावत दी तो दूसरी तरफ तेज हवाओं ने ठंड में और इजाफा कर दिया।
इसी बीच उत्तर प्रदेश खाद्य एवं रसद विभाग के क्रय केंद्र बछरावां में सैकड़ों कुंटल बिना तौल का धान किसानों का भीग गया। किसानों ने बताया कि, क्रय केंद्र प्रभारी प्रदीप शर्मा ने किसानों के धान को बचाने की कोई कोशिश नहीं की। वह अपने आवास पर आराम फरमाते रहे। सुबह जब किसान क्रय केंद्र पहुंचे तो हाय तौबा मच गई। आनन-फानन में मौके पर मौजूद केंद्र सहायक ने त्रिपाल का इंतजाम किया और भीगे हुए धान पर त्रिपाल चढ़ाने का नाटक किया गया।
इस बाबत केंद्र प्रभारी प्रदीप शर्मा ने बताया कि, जल्द ही व्यवस्थाओं को दुरुस्त कर दिया जाएगा। अचानक बारिश आ जाने से धान बीग गया है।




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