रजनीकांत अवस्थी
महराजगंज/रायबरेली: बृहस्पतिवार की रात से हो रही रुक रुक कर बारिश व तेज हवाओं के चलते जहां एक तरफ मौसम ने करवट बदला है तो वहीं भीषण ठंड के चलते अभी तक न तहसील प्रशासन और न ही नगर पंचायत द्वारा कहीं पर भी अलाव की व्यवस्था नहीं करवाई गई है। जिसके चलते रोड पर चलने वाले राहगीर व क्षेत्र की जनता भीषण ठंड से ठिठुरन का अहसास कर रही है।
बताते चले कि, दिसंबर माह में 10 दिन बीत जाने के बाद ठंड की शुरुआत तेजी से हो रही है। बीती रात से ही हो रही रुक-रुक कर बारिश व तेज हवाओं के झोंकों के चलते मौसम ने विकराल रूप धारण कर लिया है। शासन और प्रशासन द्वारा कस्बे के प्रमुख स्थानों पर कहीं भी किसी प्रकार के राहगीरों को ठंड से बचने के लिए कोई प्रबंध नहीं किया गया है ना ही अलाव की व्यवस्था कराई गई है। जिसके चलते कस्बे के आम जनमानस समेत सड़कों पर चल रहे राहगीरों को ठंड की कठिन समस्या से ठिठुरते देखा गया है।
जबकि प्रति वर्ष नवंबर के लास्ट में या दिसंबर के शुरुआती दिनों में प्रशासन और नगर पंचायत द्वारा अलाव की व्यवस्था कर दी जाती थी। परंतु इस बार कस्बे के प्रमुख जगहों पर अलाव की कोई भी व्यवस्था नहीं दिखाई दे रही है। जिसका खामियाजा कस्बे के आम जनमानस व राहगीरों को उठानी पड़ रहा है।
वहीं मामले में तहसीलदार विनोद कुमार सिंह का कहना है कि, क्षेत्र के सभी लेखपालों को निर्देशित किया गया है प्रमुख स्थानों पर अलाव जलाने की व्यवस्था करे।
महराजगंज/रायबरेली: बृहस्पतिवार की रात से हो रही रुक रुक कर बारिश व तेज हवाओं के चलते जहां एक तरफ मौसम ने करवट बदला है तो वहीं भीषण ठंड के चलते अभी तक न तहसील प्रशासन और न ही नगर पंचायत द्वारा कहीं पर भी अलाव की व्यवस्था नहीं करवाई गई है। जिसके चलते रोड पर चलने वाले राहगीर व क्षेत्र की जनता भीषण ठंड से ठिठुरन का अहसास कर रही है।
बताते चले कि, दिसंबर माह में 10 दिन बीत जाने के बाद ठंड की शुरुआत तेजी से हो रही है। बीती रात से ही हो रही रुक-रुक कर बारिश व तेज हवाओं के झोंकों के चलते मौसम ने विकराल रूप धारण कर लिया है। शासन और प्रशासन द्वारा कस्बे के प्रमुख स्थानों पर कहीं भी किसी प्रकार के राहगीरों को ठंड से बचने के लिए कोई प्रबंध नहीं किया गया है ना ही अलाव की व्यवस्था कराई गई है। जिसके चलते कस्बे के आम जनमानस समेत सड़कों पर चल रहे राहगीरों को ठंड की कठिन समस्या से ठिठुरते देखा गया है।
जबकि प्रति वर्ष नवंबर के लास्ट में या दिसंबर के शुरुआती दिनों में प्रशासन और नगर पंचायत द्वारा अलाव की व्यवस्था कर दी जाती थी। परंतु इस बार कस्बे के प्रमुख जगहों पर अलाव की कोई भी व्यवस्था नहीं दिखाई दे रही है। जिसका खामियाजा कस्बे के आम जनमानस व राहगीरों को उठानी पड़ रहा है।
वहीं मामले में तहसीलदार विनोद कुमार सिंह का कहना है कि, क्षेत्र के सभी लेखपालों को निर्देशित किया गया है प्रमुख स्थानों पर अलाव जलाने की व्यवस्था करे।

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