रजनीकांत अवस्थी
महराजगंज/रायबरेली: कोरोना से घबराकर अपने घर वतन लौट रहे लोगों को भी यहां अपना स्वास्थ्य परीक्षण कराना पड़ रहा है। स्वास्थ्य महकमा छोटी-छोटी सूचनों पर टीम भेजकर आए हुए लोगों की सेहत को परख रहा है।
आपको बता दें कि, बीते 24 घंटे के दौरान महराजगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक डॉ राधाकृष्णन के नेतृत्व में लगभग 30 लोगों की सेहत परखी गई। बीती रात हरदोई गांव के रहने वाले 14 लोग जो रोजगार के सिलसिले में नासिक गए हुए थे। बीमारी के वहां जोर पकड़ने पर यह लोग जान बचाने, कल ही गांव वापस आ गए हैं। इसकी सूचना जैसे ही स्वास्थ्य महकमे को मिली अधीक्षक डॉ राधाकृष्णन, डॉ रावत के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग की दो टीमों ने मौके पर पहुंचकर एक-एक करके 14 लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया। जब अधिकारियों को विश्वास हो चला की कोरोना के लक्षण इन्हें दूर-दूर तक नहीं है। कब टीमे वापस लौटी।
इधर जैसे ही टीम सीएचसी वापस लौटी वैसे ही सूचना आई कि, अलीपुर गांव में मुंबई से 12 लोग घर वापस लौटे हैं। पुनः आनन-फानन अधीक्षक ने स्वास्थ्य टीम भेजकर सभी लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण करवाया, यहां भी सब कुछ ओके मिला।
टीम सीएचसी महराजगंज पहुंचने ही वाली थी कि, तभी मोन गांव में एक मुस्लिम परिवार के तीन लोग दिल्ली से घर आने की सूचना देने वालों ने यहां तक कह दिया कि, उनमें कोरोना के लक्षण साफ दिखाई दे रहे हैं। आनन-फानन अधीक्षक डॉ राधाकृष्णन पूरी टीम के साथ वहां भी पहुंचे और एक घंटे तक उनका स्वास्थ्य परीक्षण किया, जिनमें 2 लोगों को साथ लेकर वह सीएचसी महराजगंज जाए। पूरी जांच-पड़ताल के बाद जब उन्हें विश्वास हो गया कि, इन्हें कोरोना के लक्षण नहीं है। तो उन्हें वापस घर छुड़वाया।
इसके अलावा मऊ गर्बी में भी दो लोगों के बारे में सूचना मिलने पर उनकी जांच की गई। स्वास्थ्य अधीक्षक डॉ राधाकृष्णन ने क्षेत्र की जनता को आश्वस्त किया है कि, कोरोना से घबराए नहीं, बल्कि बचाव ही सर्वोत्तम तरीका है।
महराजगंज/रायबरेली: कोरोना से घबराकर अपने घर वतन लौट रहे लोगों को भी यहां अपना स्वास्थ्य परीक्षण कराना पड़ रहा है। स्वास्थ्य महकमा छोटी-छोटी सूचनों पर टीम भेजकर आए हुए लोगों की सेहत को परख रहा है।
आपको बता दें कि, बीते 24 घंटे के दौरान महराजगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक डॉ राधाकृष्णन के नेतृत्व में लगभग 30 लोगों की सेहत परखी गई। बीती रात हरदोई गांव के रहने वाले 14 लोग जो रोजगार के सिलसिले में नासिक गए हुए थे। बीमारी के वहां जोर पकड़ने पर यह लोग जान बचाने, कल ही गांव वापस आ गए हैं। इसकी सूचना जैसे ही स्वास्थ्य महकमे को मिली अधीक्षक डॉ राधाकृष्णन, डॉ रावत के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग की दो टीमों ने मौके पर पहुंचकर एक-एक करके 14 लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया। जब अधिकारियों को विश्वास हो चला की कोरोना के लक्षण इन्हें दूर-दूर तक नहीं है। कब टीमे वापस लौटी।
इधर जैसे ही टीम सीएचसी वापस लौटी वैसे ही सूचना आई कि, अलीपुर गांव में मुंबई से 12 लोग घर वापस लौटे हैं। पुनः आनन-फानन अधीक्षक ने स्वास्थ्य टीम भेजकर सभी लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण करवाया, यहां भी सब कुछ ओके मिला।
टीम सीएचसी महराजगंज पहुंचने ही वाली थी कि, तभी मोन गांव में एक मुस्लिम परिवार के तीन लोग दिल्ली से घर आने की सूचना देने वालों ने यहां तक कह दिया कि, उनमें कोरोना के लक्षण साफ दिखाई दे रहे हैं। आनन-फानन अधीक्षक डॉ राधाकृष्णन पूरी टीम के साथ वहां भी पहुंचे और एक घंटे तक उनका स्वास्थ्य परीक्षण किया, जिनमें 2 लोगों को साथ लेकर वह सीएचसी महराजगंज जाए। पूरी जांच-पड़ताल के बाद जब उन्हें विश्वास हो गया कि, इन्हें कोरोना के लक्षण नहीं है। तो उन्हें वापस घर छुड़वाया।
इसके अलावा मऊ गर्बी में भी दो लोगों के बारे में सूचना मिलने पर उनकी जांच की गई। स्वास्थ्य अधीक्षक डॉ राधाकृष्णन ने क्षेत्र की जनता को आश्वस्त किया है कि, कोरोना से घबराए नहीं, बल्कि बचाव ही सर्वोत्तम तरीका है।
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