रजनीकांत अवस्थी
महराजगंज/रायबरेली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भाषण: नुकसान को टालने में सफल रहा है। कष्ट सहकर भारत को बचाया है। मैं जानता हूँ कि, कितनी दिक्कते आई हैं। लेकिन आप देश के खातिर एक अनुशासित सिपाही की तरह अपने कर्तव्य निभा रहे हैं। हमारे संविधान में we the people of india शक्ति की बात कही है, यही तो है! बाबा साहब की जन्म जयंती के अवसर पर यह सच्ची श्रद्धांजलि है। बाबा साहब को नमन!
आपको बता दें कि, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा साथियों के संबोधन के साथ उन्होंने कहा कि, देश के अलग अलग हिस्सों में अलग-अलग त्योहारों का समय है। अनेक राज्यों में नए वर्ष की शुरुआत हुई है। लाकडाउन के नियमों का जिस तरह पालन कर रहें है वह बहुत प्रेरक है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि, साथियों! आज पूरे विश्व में कोरोना वैश्विक महामारी की जो स्थिति है, उससे हम सभी परिचित है। जब हमारे यहाँ एक भी कोरोना का केस नहीं था, कोरोना प्रभावित आने वाले लोगों के लिए स्क्रीनिंग की गई थी। जब हमारे यहाँ 550 केस थे, तब हमने 21 दिन का लाकडाउन किया था। हमने समस्या बढ़ने का इंतजार नहीं किया। यह एक ऐसा संकट है, जिसमें किसी देश की तुलना में सही नहीं है। लेकिन फिर भी अन्य देशों की तुलना में भारत बहुत संभली हुई स्थिति में हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन के दौरान आगे कहा कि, महीने भर पहले कई देश कोरोना संक्रमण के मामले में भारत के बराबर खड़े थे। पर वहां आज स्थिति अच्छी नहीं है। अगर हमने कड़े फैसले न लिए होते तो, आज हमारी भी स्थिति अच्छी नहीं होती। बीते दिनों के अनुभवों से हमने जो सीखा है, वही रास्ता सही है। सोशल डिस्टेसेंसिग और लाकडाउन का ही रास्ता सही है।
आर्थिक क़ीमत इसकी चुकानी पड़ी है। लेकिन भारतीयों के जान से ज्यादा कुछ भी महत्वपूर्ण नहीं है। राज्य सरकारों ने भी बहुत अच्छा कार्य किया है।
उन्होंने आगे कहा कि, लेकिन कोरोना जिस तरह से फैल रहा है। उससे सरकारें और सतर्क हो गई है। समस्याएं कम कैसे हो इसके लिए निरंतर चर्चा की जा रही है। सभी चाहते हैं कि, लाकडाउन बढ़ाया जाए। इसी क्रम में 3 मई तक लाकडाउन की अवधि बढ़ाई गई है। इस दौरान हमें अनुशासन का पालन करना होगा। मेरी सभी देशवासियों से प्रार्थना है कि, कोरोना को किसी भी स्तर पर नए क्षेत्रों में नहीं फैलने देना है। कोरोना के नए मामले आते हैं, तो यह हमारी चिंता होगी। हाटस्पाट पर सतर्कता रखना होगा। नए हाटस्पाट का बनाना हमारे लिए नए संकट पैदा करेगा। अगले एक सप्ताह तक के लिए कठोरता बढ़ाई गई। हर जगह को लाकडाउन में परखा जाएगा। इस दौरान मूल्यांकन किया जाएगा। जो क्षेत्र इस अग्नि परीक्षा में सफल होंगे। वहां कुछ छूट दी जा सकती है। बाहर निकलना बहुत सख्त होंगा। लाकडाउन के नियम अगर टूटते हैं, तो सारे अनुमति वापस ले लिए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि, मेरे देश वासियों! सरकार की तरफ से कल एक विस्तृत गाइडलाइन जारी की जाएगी। 20 अप्रैल से जो छूट बढ़ेगा वह गरीबों को ध्यान में रखकर किया जाएगा। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण के माध्यम से सरकार ने हर संभव मदद किया है। रासन और दवाइयों का पर्याप्त भंडार है।अब 220 से ज्यादा लैब बन चुके है। एक लाख से अधिक बेड है। 600 से अधिक अस्पताल है। कोविड के इलाज कर रहें हैं। इन सुविधाओं का बढ़ाया जा रहा है। मानव कल्याण के युवा वैज्ञानिक आगे आए। वैक्सीन बनाए। धैर्य बनाकर रखें कोरोना से जीतेंगे।
सात बात पर आपका साथ चाहिए
अपने घर के बुजुर्गों का ध्यान रखें। लाकडाउन और सोशल डिस्टेसेंसिग का पालन करें। घर में बने फेस कवर का उपयोग करें।इम्युनीटी बढ़ाए।आरोग्य सेतु बढ़ाए, जितना हो सके गरीबों की मदद करें। किसी को नौकरी से ना निकालें। कोरोना योद्धाओं का सम्मान करें। यह बात बातें विजय प्राप्त करने का मार्ग है। 3 मई तक लाकडाउन के नियमों का पालन करें।
(प्रधानमंत्री के भाषण का सार)
महराजगंज/रायबरेली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भाषण: नुकसान को टालने में सफल रहा है। कष्ट सहकर भारत को बचाया है। मैं जानता हूँ कि, कितनी दिक्कते आई हैं। लेकिन आप देश के खातिर एक अनुशासित सिपाही की तरह अपने कर्तव्य निभा रहे हैं। हमारे संविधान में we the people of india शक्ति की बात कही है, यही तो है! बाबा साहब की जन्म जयंती के अवसर पर यह सच्ची श्रद्धांजलि है। बाबा साहब को नमन!
आपको बता दें कि, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा साथियों के संबोधन के साथ उन्होंने कहा कि, देश के अलग अलग हिस्सों में अलग-अलग त्योहारों का समय है। अनेक राज्यों में नए वर्ष की शुरुआत हुई है। लाकडाउन के नियमों का जिस तरह पालन कर रहें है वह बहुत प्रेरक है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि, साथियों! आज पूरे विश्व में कोरोना वैश्विक महामारी की जो स्थिति है, उससे हम सभी परिचित है। जब हमारे यहाँ एक भी कोरोना का केस नहीं था, कोरोना प्रभावित आने वाले लोगों के लिए स्क्रीनिंग की गई थी। जब हमारे यहाँ 550 केस थे, तब हमने 21 दिन का लाकडाउन किया था। हमने समस्या बढ़ने का इंतजार नहीं किया। यह एक ऐसा संकट है, जिसमें किसी देश की तुलना में सही नहीं है। लेकिन फिर भी अन्य देशों की तुलना में भारत बहुत संभली हुई स्थिति में हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन के दौरान आगे कहा कि, महीने भर पहले कई देश कोरोना संक्रमण के मामले में भारत के बराबर खड़े थे। पर वहां आज स्थिति अच्छी नहीं है। अगर हमने कड़े फैसले न लिए होते तो, आज हमारी भी स्थिति अच्छी नहीं होती। बीते दिनों के अनुभवों से हमने जो सीखा है, वही रास्ता सही है। सोशल डिस्टेसेंसिग और लाकडाउन का ही रास्ता सही है।
आर्थिक क़ीमत इसकी चुकानी पड़ी है। लेकिन भारतीयों के जान से ज्यादा कुछ भी महत्वपूर्ण नहीं है। राज्य सरकारों ने भी बहुत अच्छा कार्य किया है।
उन्होंने आगे कहा कि, लेकिन कोरोना जिस तरह से फैल रहा है। उससे सरकारें और सतर्क हो गई है। समस्याएं कम कैसे हो इसके लिए निरंतर चर्चा की जा रही है। सभी चाहते हैं कि, लाकडाउन बढ़ाया जाए। इसी क्रम में 3 मई तक लाकडाउन की अवधि बढ़ाई गई है। इस दौरान हमें अनुशासन का पालन करना होगा। मेरी सभी देशवासियों से प्रार्थना है कि, कोरोना को किसी भी स्तर पर नए क्षेत्रों में नहीं फैलने देना है। कोरोना के नए मामले आते हैं, तो यह हमारी चिंता होगी। हाटस्पाट पर सतर्कता रखना होगा। नए हाटस्पाट का बनाना हमारे लिए नए संकट पैदा करेगा। अगले एक सप्ताह तक के लिए कठोरता बढ़ाई गई। हर जगह को लाकडाउन में परखा जाएगा। इस दौरान मूल्यांकन किया जाएगा। जो क्षेत्र इस अग्नि परीक्षा में सफल होंगे। वहां कुछ छूट दी जा सकती है। बाहर निकलना बहुत सख्त होंगा। लाकडाउन के नियम अगर टूटते हैं, तो सारे अनुमति वापस ले लिए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि, मेरे देश वासियों! सरकार की तरफ से कल एक विस्तृत गाइडलाइन जारी की जाएगी। 20 अप्रैल से जो छूट बढ़ेगा वह गरीबों को ध्यान में रखकर किया जाएगा। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण के माध्यम से सरकार ने हर संभव मदद किया है। रासन और दवाइयों का पर्याप्त भंडार है।अब 220 से ज्यादा लैब बन चुके है। एक लाख से अधिक बेड है। 600 से अधिक अस्पताल है। कोविड के इलाज कर रहें हैं। इन सुविधाओं का बढ़ाया जा रहा है। मानव कल्याण के युवा वैज्ञानिक आगे आए। वैक्सीन बनाए। धैर्य बनाकर रखें कोरोना से जीतेंगे।
सात बात पर आपका साथ चाहिए
अपने घर के बुजुर्गों का ध्यान रखें। लाकडाउन और सोशल डिस्टेसेंसिग का पालन करें। घर में बने फेस कवर का उपयोग करें।इम्युनीटी बढ़ाए।आरोग्य सेतु बढ़ाए, जितना हो सके गरीबों की मदद करें। किसी को नौकरी से ना निकालें। कोरोना योद्धाओं का सम्मान करें। यह बात बातें विजय प्राप्त करने का मार्ग है। 3 मई तक लाकडाउन के नियमों का पालन करें।
(प्रधानमंत्री के भाषण का सार)

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