बाबा साहब के विचार आज भी प्रासंगिक है-मुकेश रस्तोगी

भारत मां के सच्चे सपूत थे बाबा साहब - कमलेश चौधरी
कोरोना की जंग जीतना ही बाबा साहब के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि-ओ0पी0 यादव
रजनीकांत अवस्थी
रायबरेली: संविधान निर्माता भारत रत्न बाबा साहब डा0 भीमराव अम्बेडकर की जयन्ती जेल गार्डेन रोड स्थित हाल में मनाई गई।  डा0 अम्बेदकर की जयन्ती संकल्प दिवस के रूप में मनाने का आयोजन वरिष्ठ केमिस्ट व्यवसायी महानन्द चैधरी उर्फ भोला ने किया।  इस अवसर पर सामाजिक दूरी बनाये हुये विभिन्न संगठनों के पदाधिकारियों ने बाबा साहब के चित्र पर माल्र्यापण किया।
    आपको बता दे कि, इस अवसर पर व्यापार मण्डल के प्रान्तीय संगठन मन्त्री मुकेश रस्तोगी ने कहा कि, बाबा साहब के विचार आज भी प्रासंगिक है। श्री रस्तोगी ने कहा कि, बड़े-बड़े समाज सुधारक और राजनेता समाज के मुख से अस्पृश्यता और छुआछूत को समाप्त करने में असमर्थ रहे, उसी कालिख को बाबा साहब ने संवैधानिक रूप से सदा-सदा के लिए धो डाला।  संत गाडगे सेवक कमलेश चैधरी ने कहा कि बाबा साहब ने संविधान में आरक्षण की व्यवस्था कर दलित समाज का उत्थान ही नहीं किया वरन् उनकी भागीदारी भी सुनिश्चित करायी। 
      श्री चैधरी ने कहा कि, वास्तव में डा0 भीमराव अम्बेडकर सच्चे राष्ट्रप्रेमी, समाजसेवी तथा भारत माँ के सच्चे सपूत थे। अपना दल के पूर्व अध्यक्ष शत्रुघ्न पटेल ने कहा कि, बाबा साहब का संदेश शिक्षित बनो, संगठित रहो, संघर्ष करो के मार्ग पर चलने की आवश्यकता है।
      सेन्ट्रल बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष ओ0पी0 यादव ने कहा कि, आज हमें बाबा साहब की जयन्ती पर संकल्प लेना है कि, हम संयमित होकर अनुशासन में सामाजिक दूरी बनाये रखते हुए बिना आवश्यकता के घरों से बाहर न निकलें।  देशवासियों को एकजुट होकर कोरोना जैसी महामारी को हराना ही बाबा साहब के मिशन को पूरा करना है।

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