एक हाथ में लाठी दूसरे हाथ में रासन सामग्री की किट यही बैठता है कोतवाल अरुण कुमार सिंह पर हिट
रजनीकांत अवस्थी
महराजगंज/रायबरेली: इन दिनों संपूर्ण लडाऊ के चलते पुलिस वालों का भी बुरा हाल है। ड्यूटी कभी खत्म नहीं होती, खाने पीने का कोई समय भी नहीं है। सुबह ड्यूटी, शाम को ड्यूटी, रात को ड्यूटी, आराम करने का भी कोई समय निश्चित नहीं है। शांति और व्यवस्था, सरकारी काम के चलते फुर्सत नहीं। इन तमाम झंझावातों के बावजूद महराजगंज कोतवाल सबसे अलग नजर आते हैं।
आपको बता दें कि, इन दिनों जहां उनकी गाड़ी में हरदम मजबूत लाठी और सहायकों के साथ-साथ डिग्गी में राशन भरी किटो की बोरियां भी रखी रहती है। भीड़भाड़ वाली जगह में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराते हुए गाड़ी से लाठी निकालकर जहाँ लोगों को दौड़ाते नजर आते हैं तो वहीं रास्ते में या क्षेत्र में कहीं अभावग्रस्त गरीब परिवार मिल जाए, तो गाड़ी की डिग्गी खोलकर राशन की किट उसको मुहैया कराने में भी उन्हें देरी नहीं लगती है।
कोतवाल महराजगंज अरुण कुमार सिंह की यह दरिया दिली आज इस संवाददाता ने रायबरेली रोड पर स्थित हनुमानगढ़ी मंदिर के पास देखी। जबकि मंदिर का पुजारी मंदिर के पास खड़ा था, कोतवाल अरुण कुमार सिंह ने खाने पीने की व्यवस्था पूछी और उन्होंने पूछा कि, क्या आपको कोटा (सार्वजनिक वितरण प्रणाली) से खाने का राशन मिलता है। तो पुजारी के यह बताने पर कि, उसका राशन कार्ड ही नहीं बना है। कोतवाल ने तत्काल अपनी वाहन की डिग्गी खोलकर एक राशन किट की बोरी निकाली और उसको थमाते हुए कहा कि, इसमें दाल, चावल, आटा, मसाला सहित खाने-पीने का पूरा सामान है। जब यह खत्म हो जाए तो पुनः उन्हें बताने की बात कहकर वहां से चल दिए।
इसके बाद उनकी गाड़ी के थोड़ा ही आगे बढ़ी थी कि, एक महिला ने गाड़ी रोक कर आपबीती बताई, उसने कोतवाल अरुण सिंह को बताया कि, वह अपने पति द्वारा तिरस्कृत कर दी गई है। उसके पास भी राशन कार्ड नहीं था। कोतवाल अरुण कुमार सिंह ने तत्काल उसे भी राशन की किट प्रदान की। इसके बाद कस्बे में घरों से बाहर निकलकर चहल कदमी कर रहे कुछ युवकों को गाड़ी से उतरते ही लाठी लेकर दौड़ाया, तब तक युवक अपने अपने घरों के अंदर दुबक गए।
कोतवाल अरुण कुमार सिंह के इस डबल रोल को देखकर आम जनता में काफी चर्चा है।
रजनीकांत अवस्थी
महराजगंज/रायबरेली: इन दिनों संपूर्ण लडाऊ के चलते पुलिस वालों का भी बुरा हाल है। ड्यूटी कभी खत्म नहीं होती, खाने पीने का कोई समय भी नहीं है। सुबह ड्यूटी, शाम को ड्यूटी, रात को ड्यूटी, आराम करने का भी कोई समय निश्चित नहीं है। शांति और व्यवस्था, सरकारी काम के चलते फुर्सत नहीं। इन तमाम झंझावातों के बावजूद महराजगंज कोतवाल सबसे अलग नजर आते हैं।
आपको बता दें कि, इन दिनों जहां उनकी गाड़ी में हरदम मजबूत लाठी और सहायकों के साथ-साथ डिग्गी में राशन भरी किटो की बोरियां भी रखी रहती है। भीड़भाड़ वाली जगह में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराते हुए गाड़ी से लाठी निकालकर जहाँ लोगों को दौड़ाते नजर आते हैं तो वहीं रास्ते में या क्षेत्र में कहीं अभावग्रस्त गरीब परिवार मिल जाए, तो गाड़ी की डिग्गी खोलकर राशन की किट उसको मुहैया कराने में भी उन्हें देरी नहीं लगती है।
कोतवाल महराजगंज अरुण कुमार सिंह की यह दरिया दिली आज इस संवाददाता ने रायबरेली रोड पर स्थित हनुमानगढ़ी मंदिर के पास देखी। जबकि मंदिर का पुजारी मंदिर के पास खड़ा था, कोतवाल अरुण कुमार सिंह ने खाने पीने की व्यवस्था पूछी और उन्होंने पूछा कि, क्या आपको कोटा (सार्वजनिक वितरण प्रणाली) से खाने का राशन मिलता है। तो पुजारी के यह बताने पर कि, उसका राशन कार्ड ही नहीं बना है। कोतवाल ने तत्काल अपनी वाहन की डिग्गी खोलकर एक राशन किट की बोरी निकाली और उसको थमाते हुए कहा कि, इसमें दाल, चावल, आटा, मसाला सहित खाने-पीने का पूरा सामान है। जब यह खत्म हो जाए तो पुनः उन्हें बताने की बात कहकर वहां से चल दिए।
इसके बाद उनकी गाड़ी के थोड़ा ही आगे बढ़ी थी कि, एक महिला ने गाड़ी रोक कर आपबीती बताई, उसने कोतवाल अरुण सिंह को बताया कि, वह अपने पति द्वारा तिरस्कृत कर दी गई है। उसके पास भी राशन कार्ड नहीं था। कोतवाल अरुण कुमार सिंह ने तत्काल उसे भी राशन की किट प्रदान की। इसके बाद कस्बे में घरों से बाहर निकलकर चहल कदमी कर रहे कुछ युवकों को गाड़ी से उतरते ही लाठी लेकर दौड़ाया, तब तक युवक अपने अपने घरों के अंदर दुबक गए।
कोतवाल अरुण कुमार सिंह के इस डबल रोल को देखकर आम जनता में काफी चर्चा है।

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