हाथरस में भी समाजवादी छात्र संघ व महिला कार्यकर्तियों ने निकाला कैंडल मार्च, पुलिस से हुई झड़प, हिरासत में कार्यकर्ता
शिवाकांत अवस्थी
रायबरेली: जिंदगी-मौत से जूझ रही दुष्कर्म पीड़िता की सलामती के लिए लोग दिल्ली शिफ्ट होते ही सोशल मीडिया पर दुआ कर रहे थे। मंगलवार सुबह मौत की खबर मिली तो सोशल मीडिया को हथियार बनाकर लोगों ने आवाज उठाई। सुबह करीब 10 बजे 11 हजार ट्वीट के साथ हैशटैग आरआइपी (रेस्ट इन पीस) तीसरे नंबर पर ट्रेंड करने लगा।
आपको बता दें कि, अगले ही घंटे में दूसरे नंबर पर आ गया। ढाई घंटे में 52 हजार ट्वीट हो गए और हैशटैग सबसे ऊपर ट्रेंड करने लगा। दोपहर एक बजे 81 हजार ट्वीट हो चुके थे। दो बजे एक लाख नौ हजार, तीन बजे 78 हजार, शाम चार बजे एक लाख, जबकि साढ़े चार बजे एक लाख 24 हजार लोगों ने हाथरस की बेटी के लिए ट्टिवटर पर इंसाफ मांगा। हैशटैग निर्भया, हैशटैग हाथरस को भी लोगों ने खूब ट्वीट किया। गुस्से में वालीवुड: हाथरस में इस क्रूरता भरी घटना को देखकर गुस्से में और परेशान हूं। हमारा कानून इतना सख्त हो कि सजा के बारे में सोचकर ही रेपिस्ट भय से कांपने लगे। इन आरोपितों को फांसी पर लटका देना चाहिए।–अक्षय कुमार, अभिनेता,, दुखद, अमानवीय, बहुत-बहुत दुखद। हमने आपको विफल कर दिया।–उर्मिला मातोंडकर, अभिनेत्री,, दुष्कर्मियों को सार्वजनिक रूप से गोली मारो। हर साल बढ़ रहे सामूहिक दुष्कर्म का क्या समाधान है? इस देश के लिए दुखद और शर्मनाक दिन है।–कंगना रनावत, अभिनेत्री,, हर किसी को सम्मान के साथ जीने का हक है। इन अपराधियों को कड़ी सजा हो।–ऋचा चड्ढा, अभिनेत्री,, इस क्रूरता व भयावह अपराध के दोषियों को सार्वजनिक रूप से फांसी देनी चाहिए।–रितेश देशमुख, अभिनेताफोरेंसिक जांच शुरू: हाथरस में युवती के साथ हुए दुष्कर्म कांड की जांच आगरा फोरेंसिक लैब ने मंगलवार से शुरू कर दी है। लैब दस दिन में अपनी रिपोर्ट हाथरस पुलिस को दे देगी। हाथरस की गैंगरेप पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए रायबरेली के महराजगंज में समाजवादी पार्टी के बछरावां विधानसभा अध्यक्ष राकेश त्रिवेदी उर्फ आलू महराज तथा समाजवादी पार्टी के युवा नेता व बछरावां ब्लाक प्रमुख विक्रांत अकेला की अगुवाई में सैकड़ों समाजवादी कार्यकर्ताओं ने शांतिपूर्ण तरीके से बुधवार को शाम कैंडल मार्च निकाला साथ में समाजवादी छात्रसभा के सदस्य भी मौजूद रहे। वहीं शांति व्यवस्था के मद्देनजर कस्बे में चप्पे-चप्पे पर प्रभारी निरीक्षक श्री राम के नेतृत्व में भारी पुलिस बल का पहरा रहा। काफिला महराजगंज तिराहे पर पहुंचकर गोल चक्कर पर सैकड़ों की तादात में कैंडल जलाकर 2 मिनट का मौन रख हाथरस की बेटी को श्रद्धांजलि दी गई। सैकड़ों की संख्या में मौजूद समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने हाथरस की बेटी मनीषा बाल्मीकि को न्याय दो, दोषियों को सार्वजनिक रूप से फांसी दो के गगनभेदी नारे लगाए। इस मौके पर युवा सपा नेता सुधीर साहू, अतरेहटा ग्राम प्रधान प्रतिनिधि अभिषेक यादव, लखनऊवा, नीरज यादव, मनोज त्रिवेदी, अवधेश यादव, वीरेंद्र यादव, जिला सचिव राम लखन यादव, प्रमोद मिश्रा, श्री कृष्ण मिश्रा सहित समाजवादी पार्टी के सैकड़ों कार्यकर्ता गण उपस्थित रहे। उधर हाथरस संवाददाता विनय कुमार से मिली जानकारी के मुताबिक इलाहाबाद विश्वविद्यालय छात्रसंघ की पूर्व अध्यक्ष ऋचा सिंह के नेतृत्व में सपा महिला मोर्चा की सदस्य कैंडल लेकर हाईकोर्ट चौराहा से पत्थर गिरजाघर पहुंचीं, तो वहां महिला सिपाहियों ने रोकने की कोशिश की, तो कहासुनी होने लगी। पुलिस का रुख देख महिलाएं मार्ग बदलकर सुभाष चौराहा पहुंची। चौराहे पर समाजवादी छात्रसभा के सदस्य पहले से मौजूद थे। नेताजी सुभाषचंद्र बोस की प्रतिमा पर कैंडल जलाने के बाद सामूहिक जुलूस निकालने के दौरान महिला पुलिसकर्मियों ने फिर रोका। रोकने के दौरान झड़प हो गई। इसमें छात्रसभा की नेहा यादव और महिला मोर्चा निशा समेत तीन सदस्यों को हल्की चोट लगी। कैंडिल मार्च में सबीहा मोहानी, सुनीता, नेहा यादव, रेखा उपाध्याय, निर्मला सिंह, मंजू पाठक, गुड्डी यादव, निशा, खुशनुमा बानो, मंजू यादव आदि शामिल रहीं। चौराहा पर आदिल हमजा, जितेन धनराज, आशुतोष यादव ने भी धरना दिया। छात्रों को हिरासत में लिया: हाथरस की रेप पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए जुलूस निकालने वाले छात्रों को हिरासत में लिया गया। बालसन चौराहा पर कैंडल मार्च लेकर जा रहे एनएसयूआई के सदस्य और पुलिस के बीच झडप हुई। पुलिस ने एनएसयूआई के जिलाध्यक्ष अखिलेश यादव, अक्षय क्रांतिवीर, जितेश मिश्रा, सत्यम कुशवाहा, अजय बागी, आनंद मौर्य, हरकेश हैरी, पृथ्वी, प्रवीण, अश्वनी को हिरासत में लिया। परिजनों को शव नहीं सौंपी: हाथरस जनपद के चंदपा क्षेत्र के बुलगाड़ी में कथित गैंगरेप की शिकार पीड़िता की मौत के बाद पुलिस और जिला प्रशासन का शर्मनाक चेहरा सामने आया है। दिल्ली से शव लाने के बाद पुलिस ने उसे परिवार को नहीं सौंपा और रात में ही बिना रीति रिवाज के पीड़िता का अंतिम संस्कार कर दिया गया। पुलिस और प्रशासन के इस रवैये से परिजनों व ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। इतना ही नहीं मीडिया को भी कवरेज से रोक दिया गया, और बदसलूकी की गई। इससे पहले जब शव गांव पहुंचा, तो उसे परिजनों को नहीं सौंपा गया। इसके बाद परिजनों ने एम्बुलेंस के सामने लेटकर आक्रोश जताया, इस दौरान एसडीएम पर परिजनों के साथ बदसलूकी करने का आरोप लगा। इसके बाद पुलिस और ग्रामीणों में झड़प हो गई। दरअसल, परिजन रात में शव का अंतिम संस्कार नहीं करना चाहते थे, जबकि पुलिस तुरंत अंतिम संस्कार कराना चाहती थी। इसके बाद आधी रात के बाद करीब 2:40 बजे बिना किसी रीति रिवाज के और परिजनों की गैरमौजूदगी में पीड़िता का अंतिम संस्कार कर दिया गया। शव का चेहरा भी नहीं देखने दिया: मृतका के चाचा भूरी सिंह ने कहा कि, पुलिस दबाव बना रही थी कि, शव का अंतिम संस्कार कर दें। जबकि बेटी के मां-बाप और भाई कोई भी यहां मौजूद नहीं है, वे लोग दिल्ली में ही हैं और अभी पहुंचे भी नहीं हैं। रात में अंतिम संस्कार न करने और परिवार का इंतजार करने की बात कहने पर पुलिस ने कहा कि, अगर नहीं करोगे तो हम खुद कर देंगे। मेडिकल रिपोर्ट में रेप की पुष्टि नहीं: विपक्षी दलों के विरोध और मीडिया रिपोर्ट्स का खंडन करते हुए आईजी पीयूष मोडिया ने बताया कि, मेडिकल जांच में रेप की पुष्टि नहीं हुई है। साथ ही ट्विटर पर मीडिया रिपोर्ट्स का खंडन छापते हुए पुलिस ने कहा कि, न जीभ काटी गई थी और न ही रीढ़ की हड्डी टूटी थी।












0 टिप्पणियाँ