रजनीकांत अवस्थी
महराजगंज/रायबरेली: कस्बे के हैदरगढ़ रोड पर स्थित महावीर स्टेडी इस्टेट सीनियर सेकेंडरी कॉलेज में बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक, अधर्म अन्याय और आसुरी प्रवृत्तियों पर धर्म न्याय और उदात्त मानवीय मूल्यों की विजय के इस महापर्व को विजयादशमी के रूप में हर्षोल्लास से मनाया गया।
आपको बता दें कि, विद्यालय के प्रधानाचार्य कमल बाजपेई ने बताया कि, नवरात्र में तीनों देवियों महालक्ष्मी, महासरस्वती, महाकाली के नौ रूपों की पूजा की जाती है। इस पूजा से प्रागैतिहासिक काल से परम ऊर्जा की प्राप्त होती आ रही है। लंका युद्ध में ब्रह्मा जी ने श्रीराम से रावण वध हेतु चंडी देवी का पूजन कर रावण पर विजय हेतु युक्ति बताई थी। जिसके बाद 108 नीलकमल लाए गए, पर मायावी शक्ति से एक कमल कम हो गया। तब राम ने कहा कि, मुझे मां बचपन में राजीव नयन कहती थी, अतः जैसे ही आंख निकालना चाहा, चंडी प्रसन्न होकर प्रकट हुई। राम को विजय मिली।
श्री बाजपेई ने आगे बताया कि, रावण के कुछ कर्म धर्म युक्त नहीं थे। अतः धर्म की विजय और अधर्म की पराजय हुई। इसी दिन विजय पाने के कारण दशहरा के रूप में धूमधाम से मनाते हैं। अंत में उन्होंने सभी बच्चों अभिभावकों क्षेत्रीय प्रबुद्ध जनों तथा समस्त महावीर परिवार समेत समस्त जनमानस को नवरात्रि एवं दशहरा की हार्दिक बधाई दी।
इस अवसर पर गिरजा शुक्ला, राजीव मिश्रा, सौरभ श्रीवास्तव, अभिषेक मिश्र, विवेक मिश्र, सरिता, मंजू, नीरू, राजकिशोर, अजय राज सिंह, लक्ष्मी, अनुपम, रुचि सिंह, सुनीता पांडेय, पूजा, मणि, ज्योती, स्वाती, शादिया, शिखर श्रीवास्तव, मुनीश शर्मा, रामजी, अयोध्या प्रसाद, सुनीता, वंशी गुप्ता, जगदीश तिवारी, गोमती, सुनीता आदि उपस्थित रहे।


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