परिषदीय विद्यालयों की कंडम बिल्डिंगों की नीलामी में हुआ खेल, लाखों का भवन कौड़ियों के भाव कर दिया गया नीलाम।। Raebareli news ।।

 

रजनीकांत अवस्थी

महराजगंज/रायबरेली: परिषदीय विद्यालयों के अनुपयोगी भवन की नीलामी में लंबा खेल होने का मामला उजागर हुआ है। जबकि क्षेत्र के हसनपुर गांव में स्थित प्राथमिक विद्यालय की कंडम घोषित की गई बिल्डिंग को कौड़ियों के भाव गुपचुप तरीके से नीलम कर दिया गया। नीलामी के बारे में ग्रामीणों का आरोप है कि, किसी को कोई सूचना नहीं दी गई, और ₹200000 की संपत्ति को किसी ठेकेदार ने अफसरों की मिलीभगत से महज ₹5500 में नीलामी अपने नाम करा लिया। मामले की जानकारी मिलते ही ग्रामीणों में रोष व्याप्त हो गया। लोगों ने इसकी शिकायत पूर्व एमएलसी राजा राकेश प्रताप सिंह, क्षेत्रीय विधायक राम नरेश रावत के अलावा उप जिलाधिकारी महराजगंज से मिलकर नीलामी की गुपचुप कराई गई प्रक्रिया को रद्द कर खुली नीलामी कराने की मांग की है।

      आपको बता दें कि, विगत सप्ताह परिषदीय विद्यालयों के कई कडम घोषित भवनो की नीलामी का एक अभियान चलाया गया, और बड़े ही सुनियोजित ढंग से कई भवनों को अधिकारियों ने ठेकेदारों से मिलीभगत करके नीलाम कर दिया गया। उनमें हसनपुर और ओसाह प्राथमिक विद्यालयों के भवन शामिल है। हसनपुर के रहने वालों गुरुदीन, हसनपुर के ग्राम प्रधान केशव चौधरी, रतीपाल, राम अचल, कन्हैया लाल, माता प्रसाद, पवन कुमार, बिसेसर सहित दर्जनों ग्रामीणों ने उप जिलाधिकारी सविता यादव से मिलकर एक ज्ञापन दिया। जिसमें आरोप लगाया गया कि, इस भवन की नीलामी के लिए न तो कोई मुनादी कराई गई, और ना ही गांव के किसी व्यक्ति यहां तक ग्राम प्रधान तक को सूचना दी गई, तथा कहीं गोपनीय जगह बैठ कर कागजों पर नीलामी कर दी गई। जिस भवन को नीलाम किया गया है, उसमें 55 सौ रुपए से ज्यादा के तो दरवाजे दरवाजे खिड़की हैं। इसके अलावा बरामदा और विशाल हाल जिसमें लाखों रुपए की साबुत ईटे ही निकलेंगी। इसे महज 5500 में नीलाम कर दिया गया।

     ग्रामीणों ने मांग की है कि, गुपचुप कराई गई नीलामी निरस्त करा कर नए सिरे से खुली बोली कराई जाए। ताकि राजस्व की हानि ना हो। इसके अलावा यह भी पता चला है कि, ओसाह गांव में तो नीलामी की तिथि के अगले ही दिन लाखों रुपए की बिल्डिंग को रातों-रात ठेकेदारों ने तोड़कर पूरा मलवा ही उठा ले गए। यही हाल अन्य स्थानों का भी है। मामले में एसडीएम ने ज्ञापन देने वाले लोगों को आश्वस्त किया है कि, मामला उच्चाधिकारियों के संज्ञान में लाकर आवश्यक वैधानिक कार्यवाही कराई जाएगी।

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