तेजी से बढ़ रहा अचानक अस्वाभाविक मौतों का ग्राफ।। Raebareli news ।।

 

रजनीकांत अवस्थी

महराजगंज/रायबरेली: क्षेत्र में अचानक अस्वाभाविक मौतों का ग्राफ तेजी से बढ़ रहा है। जिससे पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल है। विगत 24 घंटे के दौरान महराजगंज क्षेत्र में दो महिलाओं सहित 6 लोगों के मरने का समाचार है। चिता की बात यह है कि, सभी को सांस लेने में दिक्कत और ऑक्सीजन की कमी के कारण जान से हाथ धोना पड़ा है। उधर कोरोना की दहशत के चलते बहुत से लोग बुखार और सर्दी सांस लेने में दिक्कत की समस्या आने पर अस्पताल जाना भी पसंद नहीं कर रहे हैं।

    आपको बता दें कि, सबसे बड़ी चौंकाने वाली घटना क्षेत्र के गढी मजरे पोखरनी गांव में घटित हुई, जबकि यहां रिटायर्ड शिक्षक जगदेव शुक्ला के परिवार में उनका पुत्र राकेश शुक्ला उर्फ नानहन 45 को तेज बुखार के साथ साथ टाइफाइड की शिकायत हुई। उन्हें सांस लेने में भी दिक्कत आने लगी। परिजनों ने उपचार कराया, लेकिन बीती रात उनकी दुखद मौत हो गई। दूसरी घटना महराजगंज कस्बे के वार्ड नंबर 1 के रहने वाले पूर्व सभासद शमशुल हक कुरैशी की पत्नी नैमुन निशा 56 जो स्वयं भी नगर पंचायत सदस्य और जिला योजना समिति की सदस्य रह चुकी है। उन्हें भी बीते कई दिनो से बुखार के बाद सांस लेने की दिक्कत हुई। उन्हें इलाज के लिए सीएचसी महराजगंज लाया गया, और ऑक्सीजन भी लगाया गया, लेकिन उनकी भी मौत हो गई।

     तीसरी घटना क्षेत्र के चंदापुर गांव के रहने वाले कोटेदार इमाम अली की पुत्री सालिया बानो पत्नी समसुद्दीन निवासी थुलेंडी थाना बछरावां मायके आई हुई थी, अचानक उसे बुखार के साथ-साथ खांसी और जुकाम भी हो गया, हालत बिगड़ने पर उसे अस्पताल ले जाया जा रहा था, कि रास्ते में उसकी मौत हो गई। चौथी घटना क्षेत्र के मऊ गांव में रहने वाले व्यापारी गणेश गुप्ता 55 को भी इसी प्रकार की परेशानी हुई, परिजन उन्हें लेकर दवा कराने ले गए। लेकिन हालत में सुधार नहीं हुआ और उनकी मौत हो गई। मऊ गांव के ही रहने वाले एक और व्यापारी लक्ष्मण चौरसिया 60 को काफी दिनों से बुखार आ रहा था। कल उन्हें सांस लेने में दिक्कत आई तो परिजन उन्हें महराजगंज के बछरावां रोड पर स्थित एक प्राइवेट अस्पताल में ले गए, जहां डॉक्टरों ने तत्काल ऑक्सीजन लगवाने की सलाह देते हुए उन्हें रायबरेलीले जाने को कहा। रास्ते में ही उनकी मौत हो गई। पड़ोस के अंदूपुर गांव के रहने वाले शेर बहादुर सिंह 50 को भी बुखार के साथ साथ सिर दर्द और सीने में दर्द के साथ साथ सांस लेने में दिक्कत हुई, इलाज के लिए अस्पताल ले जाते समय उनकी भी मौत हो गई।

     इस प्रकार ताबड़तोड़ हो रही मौतों से पूरे इलाके में लोग दहशजदा हो गए हैं। सबसे बड़ी दिक्कत एक और सामने आ रही है कि, सर्दी जुखाम वायरल बुखार आदि की समस्या होने के बावजूद लोग अस्पतालों की ओर इसलिए रुख नहीं कर रहे हैं कि, कहीं करोना पीड़ित घोषित करके उन्हें लेवल 1 लेवल 2 अस्पतालों में कही भेज ना दिया जाए। इसलिए लोग अपने रोग को छुपा रहे हैं, और समस्या बढ़ती जा रही है।

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