ग्राम प्रधान की दबंगई के आगे नतमस्तक हुआ तहसील प्रशासन पीड़िता ने लगाई SDM की चौखट पर न्याय की गुहार।। Raebareli news ।।

रजनीकांत अवस्थी
महराजगंज/रायबरेली: ग्राम प्रधान की दबंगई के आगे सिविल कोर्ट का आदेश भी बैना साबित हो रहा है। जिसके चलते ग्राम प्रधान के हौसले बुलंद हैं। पीड़ित पक्ष ने उप जिलाधिकारी विनय कुमार मिश्रा की चौखट पर शिकायती पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई है। अब देखना यह दिलचस्प होगा कि, सिविल जज के आदेश का ग्राम प्रधान द्वारा की गई अवहेलना का पालन तहसील विभाग के राजस्व अधिकारी करवा पाते हैं या एक बार फिर न्यायालय के आदेश की अवहेलना होगी।
      आपको बता दें कि, मामला महराजगंज तहसील क्षेत्र के भीखा मजरे मांंझगांव का है। आज उप जिलाधिकारी को दिए गए शिकायती पत्र में जैनम पत्नी स्वर्गीय खलीबुल रहमान ने कहा है कि, रामफेर पुत्र स्वर्गीय बुघई व शिव प्रसाद पुत्र रामफेर ने उसकी भूमि गाटा संख्या 232 /0.209 हेक्टेयर व गाटा संख्या 233 /0.104 हेक्टेयर गांव में स्थित है, तथा रायबरेली सिविल न्यायालय में सिविल जज (जू०डि०) कोड नंबर 22 में मामला विचाराधीन है।
     सिविल जज द्वारा यथा स्थिति बनाए रखने के निर्देश भी दिए गए हैं, जो आदेश वर्तमान समय में भी प्रभावी है। भूमि पर एक लंबे समय से प्रार्थिनी का कब्जा व दखल है, जो वर्तमान में भी कायम है। उक्त भूमि पर राजस्व अभिलेखों में भी प्रार्थिनी का नाम दर्ज है। किंतु शिवप्रसाद दबंग ग्राम प्रधान होने के साथ-साथ एक प्रभावशाली व्यक्ति भी है। अपने प्रभाव के चलते विवादित भूमि पर जबरन पेड लगवा दिए, पीड़िता के मना करने पर उसे जान से मारने की धमकी तथा गाली गलौज पर आमादा हो जाते है।
      जबकि दीवानी न्यायालय द्वारा यथास्थिति बनाए रखने का आदेश जारी किया गया है, जो दिनांक 10 अगस्त 2020 तक प्रभावी है। अब देखना यह है, कि ग्राम प्रधान द्वारा जबरन जमीन पर लगाए गए पेड़ राजस्व विभाग हटवा पाता है, या फिर ग्राम प्रधान की दबंगई कायम रहती है।

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