सीएचओ के द्वितीय दल ने सीएचसी एवं सीईएल का किया विजिट।। Raebareli news ।।

 

सीएचओ दल ने केएमसी को करीब से जाना और समझा

केएमसी के जादुई करिश्में से खिलखिला रहा बचपन

रजनीकांत अवस्थी

शिवगढ़/रायबरेली: जिला अस्पताल में सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी का प्रशिक्षण ले रहे प्रशिक्षुओं के द्वितीय दल ने प्रशिक्षण के तहत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र शिवगढ़ और कम्युनिटी एंपावरमेंट लैब 'सक्षम शिवगढ़' का विजिट कर स्वास्थ्य सेवाओं एवं केएमसी के विषय में करीब से जाना और समझा।    

     आपको बता दें कि, जिला अस्पताल में सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी का प्रशिक्षण ले रहे 60 प्रशिक्षुओ में से 30 प्रशिक्षुओं का पहला जत्था सोमवार को शिवगढ़ विजिट करने आया था। वहीं मंगलवार को शिवगढ़ पहुंचे सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी 'सीएचओ' के द्वितीय जत्थे ने शिवगढ़ सीएचसी का विजिट कर प्रसव कक्ष, डिलवरी प्वाइंट को देखा, जहां मौजूद महिला डाक्टरों एवं स्टाफ नर्सों से जाना कि, प्रसव के दौरान क्या-क्या कठिनाइयां आती हैं, एवं किस प्रकार से वैक्सीन का रखरखाव किया जाता है, और प्रसव कराने का सही तरीका क्या है ? जिसके बाद सीएचओ दल ने अस्पताल में स्थित केएमसी लॉउन्ज को देखा और समझा कि, किस प्रकार से कम वजन के नवजात शिशुओं एवं केएमसी माताओं की सम्मानजनक तरीके से वीआईपी देखभाल की जाती है। जिसके पश्चात सभी प्रशिक्षुओं ने स्वास्थ्य शिक्षाधिकारी जयराम यादव के साथ कम्युनिटी एंपावरमेंट लैब का विजिट कर लैब को देखा और कम्युनिटी एम्पावरमेंट लैब की मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं वैज्ञानिक आरती कुमार से  केएमसी के विषय में करीब से जाना और समझा। 


   आरती कुमार ने पहले तो सीएचओ दल से उनके कार्य और प्रशिक्षण की जानकारी ली।   तत्पश्चात सभी प्रशिक्षुओं का मनोबल बढ़ाते हुए कहा कि, प्रदेश के साथ ही देश की  माताओं और शिशुओं की बेहतर देखभाल में सीएचओ की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी, निश्चित तौर पर सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी समुदाय के लिए वरदान साबित होंगे। आरती कुमार ने विस्तृत जानकारी देते हुए केएमसी के तौर तरीके बताए एवं कहा कि, राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर की स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने में कम्युनिटी एंपावरमेंट लैब अपना तकनीकी एवं वैज्ञानिक सुझाव देकर योगदान प्रदान कर रही है।

      उन्होंने टीम से जाना कि, उनके हो रहे प्रशिक्षण में क्या-क्या चीजें और जोड़ी जा सकती हैं ? कैसे और बेहतर बनाया जा सकता है ? जिस पर सीएचओ दल से गहनता से विचार विमर्श किया। आरती कुमार ने बताया कि नवजात शिशु के लिए मां का दूध सबसे सर्वोत्तम है। इसलिए माताओं को प्रेरित किया जाए कि 6 महीने तक वे अपने बच्चे को स्तनपान जरूर कराएं। आरती कुमार ने कहाकि केएमसी नवजात शिशुओं के लिए वरदान है। बगैर किसी दवा के केएमसी से नवजात शिशु मृत्यु दर में 54 प्रतिशत कमी आई है। जो उत्तर प्रदेश ही नही देश के लिए मिसाल है। कम्युनिटी एंपावरमेंट लैब समुदाय के साथ मिलकर केएमसी के माध्यम से नवजात शिशुओं को नया जीवनदान दे रही है। केएमसी के जादुई करिश्मे से यूपी के साथ ही समूचे राष्ट्र में बचपन खिलखिला रहा है, केएमसी से नवजात शिशुओ का तीव्र गति से शारीरिक एवं मानसिक विकास हो रहा है।    आरती कुमार ने बताया कि, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन एवं प्रदेश सरकार के समन्वित सहयोग से प्रदेश में 170 से भी ज़्यादा केएमसी लाउंज संचालित है।   जिनमें केएमसी माताओं एवं नवजात शिशुओं की सम्मानजनक देखभाल हो रही है। केएमसी लाउन्जों में कम्युनिटी एंपावरमेंट लैब वैज्ञानिक एवं तकनीकी सहयोग प्रदान कर रही हैं।

      इस वर्ष सभी केएमसी लाउंजो को केएमसी एप से जोड़ा जाएगा एवं गुणवत्तापूर्ण तरीके से पल-पल की मॉनिटरिंग की जाएगी। इस मौके पर अग्रिमा आरती साहू, सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी मोहम्मद फैजान, पंकज यादव, मीरा गुप्ता, खुशबू, गीतांजलि, दीपेंद्र पाल, हीरालाल, रूबी, कुमकुम आदि लोग मौजूद रहे।

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